बिना डॉक्टर चल रहा खरसावां का पीएचसी, दो माह पूर्व डॉक्टर ने छोडी नौकरी अभी तक पदस्थापना नहीं
खरसावां प्रखंड के हरि भांजा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शोभा को वस्तु बनकर रह गयी है। पिछले दो माह से बिना डॉक्टर के पीएचसी संचालित हो रहा है। एक संस्था द्वारा पीपीपी मीड पर हरि भांजा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का संचालन पिछले कुछ वर्षों से किया जा रहा है। इस अस्पताल में एक चिकित्सक की सेवा दे रही थी उसे समय ओपीडी का संचालन कर मरीजों का इलाज किया जा रहा था, लेकिन दो माह पूर्व चिकित्सक ने नौकरी छोड़ दी।

अब बिना चिकित्सक की ही अस्पताल का संचालन हो रहा है लोगों को स्वास्थ्य सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरकार की ओर से चिकित्सक का एक पद सृजन किया गया है लेकिन अभी तक उक्त पद पर पद स्थापना नहीं हुई है ऐसे में लोगों का इलाज के लिए खरसावां सीएचसी या फिर निजी नर्सिंग होम के भरोसा रहना पड़ रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है वर्तमान में अस्पताल में ओपीडी सेवा बाधित है अस्पताल में दवाओं से लेकर कर्मियों की भारी कमी है भाजपा जिला अध्यक्ष उदय प्रताप सिंह ने झारखंड सरकार से मांग किया है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक की पदस्थापना कर लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ पहुंचाने की मांग की है।

जिला अध्यक्ष उदय प्रताप सिंह देव ने बताया कि करीब 2,35 करोड़ से अस्पताल भवन एवं स्टाफ क्वार्टर बनाये गये हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल का संचालन 16 दिसंबर 2020 से सिटीजन फाउंडेशन कर रहा है। जिला अध्यक्ष उदय प्रताप सिंह देव ने कहां कि अस्पताल का समस्या के बारे में केंद्र मंत्री श्री अर्जुन मुंडा से अवगत कराएंगे।
