Categories

October 6, 2026

INDIA FIRST NEWS

Satya ke saath !! sadev !!

भाजपा ने खरसावां में  ‘वारंग क्षिति’ लिपि की खोज करने वाले आदिवासी दार्शनिक गुरु कोल लको बोदरा की पुण्यतिथि मनाई

खरसावां के भाजपा विधानसभा स्तरीय कार्यालय परिसर में भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा एवं भाजपा प्रखंड कमेटी द्वारा ‘वारंग क्षिति’ लिपि की खोज करने वाले आदिवासी दार्शनिक गुरु कोल लको बोदरा की 38 वीं पुण्यतिथि मनाई गई।उनके चित्र पर सभी कार्यकर्ताओं ने बारी-बारी से फूल अर्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित किया।

आदिवासी दार्शनिक गुरु कोल लको बोदरा ने हो भाषा की लिपि की खोज की एवं उसे समाज में स्थापित करने के लिए ‘वारंग क्षिति’ लिपि बनाई। उन्हें गुरु की उपाधि दी गई। हो भाषा-साहित्य में गुरु लको बोदरा का वही स्थान है जो संथाली भाषा में रघुनाथ मुर्मू का है। लको बोदरा ने चालीस के दशक में हो भाषा की लिपि ‘वारंग क्षिति’ की खोज की और उसके प्रचार-प्रसार के लिए ‘आदि संस्कृति एवं विज्ञान शोध संस्थान’ (एटेए तुर्तुड. पिटीका अखाड़ा) की स्थापना की। यह संस्थान आज भी हो भाषा-साहित्य के विकास में संलग्न है। वारंग क्षिति में उन्होंने ‘हो’ भाषा का एक वृहद शब्दकोश तैयार किया जो अप्रकाशित है। वारंग क्षिति एक आबूगीदा लिपि है जिसका प्रयोग झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार, छत्तीसगढ़ और असम राज्यों में बोली जाने वाली हो भाषा को लिखने के लिए किया जाता है।

पुण्यतिथि पर भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश सदस्य लाल सिंह सोय ने कहा कि आदिवासी हो समुदाय के भाषा का लिपि के खोजकर्ता गुरु कोल लको बोदरा थे। उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय के भाषा संस्कृत की विकास एवं संरक्षण के लिए उनके योगदान बहुत ही महत्वपूर्ण था उन्होंने सामाजिक कार्य में उनका हम योगदान रहता था आज का दिन हम सभी कार्यकर्ताओं संकल्प लेते हैं कि उनके मार्ग पर चलने एवं समाज मैं शिक्षा को जागृत करने के लिए काम करेंगे। खरसावां प्रखंड के भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के सभी कार्यकर्ता पदाधिकारी उपस्थित थे एवं भाजपा के मंडल अध्यक्ष हपना सोरेन, प्रशांत महतो, प्रधान माटी सीय,नयन नायक, दुर्योधन प्रमाणिक, हरि चरण सीय, समा सरदार, उमिश बोदरा, परेश प्रधान, प्रदीप प्रधान, राजू रजक आदि उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *