100% टैरिफ बिल के सामने नहीं झुकेगा भारत, कहा- देश की ऊर्जा सुरक्षा सबसे पहले
अमेरिकी संसद (यूएस कांग्रेस) ने हाल ही में एक नया प्रतिबंध विधेयक (Sanctions Bill) पारित किया है। इस कड़े कानून के तहत रूस और ईरान जैसे देशों से क्रूड ऑयल व गैस खरीदने वाले राष्ट्रों पर सख्त आर्थिक पाबंदियां और 100% तक टैरिफ लगाने का प्रावधान किया गया है। इसका सीधा असर भारत और चीन जैसे बड़े ऊर्जा आयातकों पर पड़ सकता है। हालांकि, अमेरिका के इस कदम के तुरंत बाद भारत सरकार ने अपनी प्राथमिकताओं को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है।

विदेश मंत्रालय बोला- 140 करोड़ नागरिकों की ऊर्जा सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
अमेरिकी बिल पारित होने के बाद भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने आधिकारिक तौर पर देश का पक्ष रखते हुए स्पष्ट रुख अपनाया। मंत्रालय ने कहा कि भारत सरकार के लिए अपने 140 करोड़ नागरिकों की ऊर्जा जरूरतों और सुरक्षा को पूरा करना सबसे पहली प्राथमिकता है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, वैश्विक बाजार की परिस्थितियों और प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए भारत विभिन्न अंतरराष्ट्रीय स्रोतों से अपनी ऊर्जा आवश्यकता के अनुसार तेल व गैस की खरीद जारी रखेगा। भारत ने दोहराया कि देश अपने राष्ट्रीय आर्थिक और व्यापारिक हितों से किसी भी बाहरी दबाव में आकर कोई समझौता नहीं करेगा।

