पाकिस्तान: पेट्रोल ₹384 पार, स्मार्ट लॉकडाउन और 4-डे वर्किंग वीक की तैयारी
मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक संघर्ष और वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी तेजी के चलते पाकिस्तान गंभीर ऊर्जा संकट के मुहाने पर खड़ा है। ईंधन की आपूर्ति बाधित होने और मांग पर लगाम लगाने के उद्देश्य से पाकिस्तानी प्रशासन ‘स्मार्ट लॉकडाउन’ समेत कई कठोर नीतिगत कदम उठाने पर गंभीरता से विचार कर रहा है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी उछाल
पाकिस्तानी पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, सरकार ने पेट्रोल के दाम में ₹4.10 प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल (HSD) के दाम में ₹6.41 प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। इस ताजा मूल्यवृद्धि के बाद देश में पेट्रोल की कीमत बढ़कर ₹384.34 प्रति लीटर और डीजल की कीमत ₹415.83 प्रति लीटर के ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। ऊर्जा मंत्रियों अवैस लेघारी और मुसादिक मलिक ने स्वीकार किया है कि वैश्विक स्तर पर लगातार बढ़ते दाम सरकारी वित्तीय प्रबंधन के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं।

खपत घटाने के लिए ‘स्मार्ट लॉकडाउन’ का प्लान
परिवहन साधनों के उपयोग को नियंत्रित करने और ईंधन की बचत करने के लिए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की है।
इस दौरान जिन मुख्य प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है, वे हैं:
- चार दिवसीय कार्यसप्ताह (4-Day Working Week): सरकारी और निजी कार्यालयों में हफ्ते में केवल 4 दिन कार्य करने का नियम लागू करना।
- बाजारों के संचालन के घंटे सीमित करना: ऊर्जा खपत कम करने के लिए व्यापारिक प्रतिष्ठानों और बाजारों को शाम के समय तय सीमा से पहले बंद करवाना।
- घरेलू ऊर्जा स्रोतों को प्राथमिकता: आयातित ईंधन पर निर्भरता घटाकर स्वदेशी साधनों से बिजली उत्पादन बढ़ाना।

जनता को राहत देने के लिए ‘ईंधन राहत योजना’
बढ़ती महंगाई के बीच नागरिकों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से सरकार ने ‘प्रधानमंत्री ईंधन राहत योजना’ के दायरे को बढ़ाने का निर्णय लिया है:
- दुपहिया वाहन चालकों के लिए: प्रत्येक सप्ताह 5 लीटर रियायती और सब्सिडी वाला पेट्रोल दिया जाएगा।
- कार चालकों के लिए: हर 10 दिन के अंतराल पर 10 लीटर कम दरों पर पेट्रोल उपलब्ध कराया जाएगा।
- व्यापक स्तर पर क्रियान्वयन: इस्लामाबाद में सफल परीक्षण के बाद अब इस योजना को देश के सभी प्रांतों में विस्तारित किया जा रहा है।
बिजली के लिए घरेलू संसाधनों पर जोर
ऊर्जा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ईंधन संकट के बावजूद देश में बिजली उत्पादन को सुचारू रखा जाएगा। अगस्त 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, पाकिस्तान अपनी कुल विद्युत आवश्यकता का 72% हिस्सा पनबिजली, घरेलू कोयला, परमाणु ऊर्जा और सोलर जैसे स्वदेशी माध्यमों से पूरा कर रहा है, जबकि आयातित ईंधन (एलएनजी और विदेशी कोयला) पर निर्भरता घटकर मात्र 28% रह गई है।

