मध्यस्थता जागरूकता कार्यक्रम एवं पैनल अधिवक्ताओं का प्रशिक्षण आयोजित
सरायकेला,05 अक्टूबर 2026
सोमवार (भाग्य सागर)

सरायकेला,
सिविल कोर्ट के कॉन्फ्रेंस हॉल में आज मध्यस्थता जागरूकता कार्यक्रम एवं पैनल अधिवक्ताओं के प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, सरायकेला, वीरेश कुमार ने की तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सरायकेला-खरसावां रामाशंकर सिंह के मार्गदर्शन में कार्यक्रम संपन्न हुआ।

यह कार्यक्रम मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति (MCPC), सर्वोच्च न्यायालय, भारत के निर्देश पर संचालित “Mediation for the Nation 3.0” अभियान के तहत आयोजित किया गया। यह अभियान 01 अक्टूबर 2026 से प्रारंभ होकर 90 दिनों तक संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य मध्यस्थता के माध्यम से विवादों के त्वरित, सौहार्दपूर्ण एवं आपसी सहमति से समाधान को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम में बताया गया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सरायकेला-खरसावां द्वारा सरायकेला एवं चांडिल न्यायमंडल के न्यायालयों के समन्वय से मध्यस्थता के लिए उपयुक्त मामलों की पहचान का कार्य पहले ही किया जा चुका है।
प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, सरायकेला, वीरेश कुमार ने मध्यस्थों को सफल मध्यस्थता के लिए अधिक समय एवं समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने मध्यस्थता से संबंधित विभिन्न नियमों एवं प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए समयबद्ध तरीके से मध्यस्थता प्रतिवेदन प्रस्तुत करने पर विशेष जोर दिया।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रामाशंकर सिंह ने कहा कि वैवाहिक एवं पारिवारिक विवादों के समाधान में मध्यस्थों की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे विवादों का प्रतिकूल प्रभाव केवल पति-पत्नी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे परिवार, विशेषकर बच्चों पर भी पड़ता है। उन्होंने कहा कि परिवारों को टूटने से बचाने तथा विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान कराने का कार्य अत्यंत पुनीत एवं महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने मध्यस्थों से संवेदनशीलता, धैर्य एवं समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार, के सचिव तौसीफ मेराज ने पैनल अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए लाभुकों एवं वादकारियों को गुणवत्तापूर्ण विधिक सहायता उपलब्ध कराने तथा जरूरतमंद व्यक्तियों को प्रभावी कानूनी सहयोग प्रदान करने पर बल दिया।
कार्यक्रम में मध्यस्थ एस.सी. हाजरा, रामगोविंद मिश्रा, रिंकू सिन्हा, राजेश बिहारी सहाय, असित सारंगी, नाइकी हेम्ब्रम, पी.पी. सिंहदेव सहित अन्य मध्यस्थ एवं पैनल अधिवक्ता सुखमती हेस्सा, नैना पहाड़ी, सुनीत कर्मकार सहित अन्य उपस्थित रहे।
इस अवसर पर मध्यस्थों एवं पैनल अधिवक्ताओं ने मध्यस्थता की प्रक्रिया, अपने अनुभवों तथा विवादों के सफल एवं प्रभावी समाधान के संबंध में अपने विचार साझा किए।
