सरकार से ‘डील’ के आरोपों पर भड़के सोनम वांगचुक, कहा- क्या अब भी अपनी नीयत साबित करनी होगी?
लद्दाख के जाने-माने पर्यावरणविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने आम जनता से अपील की है कि वे उनके पति के कदमों पर जल्दबाज़ी में कोई राय न बनाएं। उन्होंने जानकारी दी कि लगातार 26 दिनों तक अनशन पर रहने के कारण वांगचुक का वजन करीब 11 किलोग्राम कम हो गया है और स्वास्थ्य बिगड़ने की वजह से उन्हें आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया है।
इस बीच, सोनम वांगचुक ने शुक्रवार (24 जुलाई) को उन सभी कयासों और दावों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें यह कहा जा रहा था कि उन्होंने केंद्र सरकार के साथ किसी तरह की ‘डील’ करके अपना 26 दिनों का आमरण अनशन समाप्त किया है। उन्होंने दुख जताते हुए कहा, “क्या 26 दिनों तक बिना अन्न-जल के रहने के बाद भी मुझे अपनी नीयत और ईमानदारी की परीक्षा देनी पड़ेगी?” वांगचुक ने स्पष्ट किया कि उन्होंने नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा में हुई धांधली और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमिताओं का शिकार हुए छात्रों के हक में आवाज उठाने के लिए यह सत्याग्रह शुरू किया था।
उन्होंने इंटरनेट मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि उनके द्वारा अनशन वापस लेने के फैसले को सरकार के साथ समझौते के रूप में पेश किया जा रहा है, जो बेहद दुखद है। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि उनके इस कदम को राजनीतिक चश्मे से न देखा जाए। वांगचुक का कहना है कि उन्होंने जो भी निर्णय लिया है, वह छात्र आंदोलन और व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए लिया है।
वीडियो साझा करते हुए उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “26 दिन भूख हड़ताल पर बैठने के बाद भी क्या मुझे अपनी निष्ठा साबित करनी होगी?” उन्होंने देशवासियों से आग्रह किया कि वे किसी भी तरह का निष्कर्ष निकालने से पहले उनके यूट्यूब चैनल पर अपलोड किए गए पूरे 22 मिनट के वीडियो को अवश्य देखें। साथ ही उन्होंने अपने संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील भी की।
