ब्रिक्स सम्मेलन 2026: प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर भारत पहुंचे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए नई दिल्ली में जुटे वैश्विक नेता
नई दिल्ली। 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत की राजधानी नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। सीमा गतिरोध और गलवान घटना के लंबे अंतराल के बाद राष्ट्रपति जिनपिंग का यह भारत दौरा द्विपक्षीय संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सम्मेलन के दूसरे दिन नई दिल्ली स्थित ‘भारत मंडपम’ में सदस्य देशों के शीर्ष नेताओं का आगमन हो रहा है, जहां वैश्विक आर्थिक, व्यापारिक और रणनीतिक विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा।
PM मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय वार्ता पर टिकीं नजरें
इस शिखर सम्मेलन का सबसे अहम आकर्षण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच होने वाली उच्च स्तरीय द्विपक्षीय मुलाकात है।
- द्विपक्षीय वार्ता: दोनों नेताओं के बीच हैदराबाद हाउस में विस्तृत चर्चा का कार्यक्रम तय किया गया है, जिसमें सीमा संबंधी मुद्दों, व्यापारिक संतुलन और आपसी कूटनीतिक रिश्तों को सामान्य बनाने पर बात होने की संभावना है।
- सकारात्मक संकेत: चीनी मीडिया और कूटनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, सात वर्षों के लंबे अंतराल के बाद हो रहा यह दौरा भारत और चीन जैसी दो प्राचीन सभ्यताओं और पड़ोसी राष्ट्रों के बीच संबंधों में सुधार और मजबूती का एक बड़ा जरिया बन सकता है।
पीएम मोदी ने इथियोपिया और मलेशियाई प्रधानमंत्रियों के साथ की बैठकें
शिखर सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न वैश्विक नेताओं के साथ कई द्विपक्षीय बैठकें पूरी की हैं:
- इथियोपिया के साथ साझेदारी: पीएम मोदी ने इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली के साथ वार्ता की। इथियोपिया के ब्रिक्स में नए सदस्य के रूप में शामिल होने के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को नई गति देने पर सहमति बनी।
- मलेशियाई पीएम से मुलाकात: हैदराबाद हाउस में मलेशिया के प्रधानमंत्री के साथ भी द्विपक्षीय संवाद हुआ, जिसमें क्षेत्रीय सुरक्षा और व्यापार पर चर्चा की गई।
- अन्य वैश्विक प्रतिनिधि: वियतनाम के प्रधानमंत्री सहित कई अन्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष और विदेशी प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली पहुंच चुके हैं।
6 साल बाद गुआंगझोउ-नई दिल्ली सीधी उड़ानें होंगी बहाल
ब्रिक्स सम्मेलन के सकारात्मक प्रभाव के रूप में भारत और चीन के बीच विमान सेवाओं की बहाली को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है:
- चाइना सदर्न एयरलाइंस की घोषणा: एयरलाइन कंपनी 21 सितंबर से गुआंगझोउ और नई दिल्ली के बीच अपनी सीधी उड़ान सेवा फिर से शुरू करेगी।
- कनेक्टिविटी में सुधार: पिछले छह वर्षों से स्थगित पड़ी इस डायरेक्ट फ्लाइट के शुरू होने से दक्षिण एशियाई रूटों पर हवाई आवाजाही आसान होगी तथा व्यापार व पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और अंतर्राष्ट्रीय मीडिया की प्रतिक्रिया
- अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था: विदेशी मेहमानों के ठहराव स्थल जैसे होटल लीला पैलेस और मुख्य आयोजन स्थल भारत मंडपम के आसपास सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है।
- वैश्विक मीडिया की नजरें: अंतर्राष्ट्रीय मीडिया प्रतिनिधिमंडलों ने भारत द्वारा की गई शानदार मेजबानी और व्यवस्थाओं की सराहना की है। कई विदेशी प्रतिनिधियों ने भारत के बुनियादी ढांचे और ब्रिक्स सम्मेलन के वैश्विक प्रभाव की प्रशंसा की है।


