राष्ट्रीय लोक अदालत में सरायकेला-खरसावां जिले की रही अच्छी उपलब्धि -7,834 मामलों का निष्पादन एवं ₹92.23 लाख की राशि वसूल
सरायकेला-खरसावां, 12 सितंबर, 2026, शनिवार (भाग्य सागर)
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (JHALSA), रांची के निर्देशानुसार तथा रामाशंकर सिंह, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सरायकेला-खरसावां के मार्गदर्शन एवं सहयोग में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सरायकेला-खरसावां द्वारा आज वर्ष 2026 की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन सिविल कोर्ट परिसर, सरायकेला एवं अनुमंडलीय न्यायालय, चांडिल में किया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल एवं प्रभावी संचालन के लिए जिले में 08 पीठों का गठन किया गया था, जिसमें सिविल कोर्ट, सरायकेला में 06 पीठ तथा अनुमंडलीय न्यायालय, चांडिल में 02 पीठ शामिल थीं। गठित पीठों के समक्ष विभिन्न प्रकार के लंबित मामलों के साथ-साथ प्री-लिटिगेशन मामलों को भी आपसी समझौते एवं सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए रखा गया।
समाचार तैयार किए जाने तक प्राप्त अंतरिम आंकड़ों के अनुसार कुल 1,324 लंबित मामलों का निष्पादन किया गया, जबकि प्री-लिटिगेशन मामलों सहित कुल 7,834 मामलों का निष्पादन हुआ। इस दौरान ₹92,23,851 की राशि वसूल की गई। ये आंकड़े अंतरिम हैं तथा अंतिम आंकड़ों के संकलन के पश्चात इनमें वृद्धि संभव है।

राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए 14 जुलाई 2026 से ही प्री-कॉन्सिलिएशन बैठकों का आयोजन किया जा रहा था। इन बैठकों के माध्यम से पक्षकारों को अपने विवादों का आपसी सहमति एवं समझौते के आधार पर समाधान करने के लिए प्रेरित किया गया तथा उन्हें आवश्यक सहयोग एवं सुविधा उपलब्ध कराई गई। अधिक से अधिक पात्र मामलों को लोक अदालत के माध्यम से निष्पादित कराने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा लगातार प्रयास किए गए।
राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से प्राप्त यह उपलब्धि पिछले वर्ष की उपलब्धियों की पृष्ठभूमि में भी महत्वपूर्ण है। पिछले वर्ष जिले में 1,261 लंबित मामलों का निष्पादन किया गया था, जबकि प्री-लिटिगेशन मामलों सहित निष्पादित कुल मामलों की संख्या 6,400 से अधिक रही थी। वर्तमान राष्ट्रीय लोक अदालत के अंतरिम आंकड़े जिले में वैकल्पिक विवाद समाधान एवं सुलभ न्याय की दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासों को दर्शाते हैं।
राष्ट्रीय लोक अदालत पक्षकारों को अपने विवादों का आपसी सहमति, समझौते एवं सौहार्दपूर्ण तरीके से समाधान करने का प्रभावी मंच प्रदान करती है। इसके माध्यम से पक्षकारों के समय एवं धन की बचत होती है, लंबे समय तक चलने वाले मुकदमों से राहत मिलती है तथा आपसी संबंधों में सौहार्द बनाए रखने में भी सहायता मिलती है।
राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन एवं बड़ी संख्या में मामलों के निष्पादन से यह स्पष्ट होता है कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सरायकेला-खरसावां न्याय को त्वरित, सुलभ, किफायती एवं आमजन के लिए प्रभावी बनाने तथा वैकल्पिक विवाद समाधान की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

