दुर्गा पूजा में लें दार्जिलिंग की हसीन वादियों का आनंद, शुरू हो रही विशेष टॉय ट्रेन सेवा, जानें रूट और किराया
1 अक्टूबर से शुरू होंगी विशेष टूरिस्ट ट्रेनें
आगामी दुर्गा पूजा और त्योहारी सीजन के दौरान पहाड़ों की रानी दार्जिलिंग घूमने की योजना बना रहे पर्यटकों के लिए एक शानदार खबर है। यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर सूची में शुमार दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे (DHR) 1 अक्टूबर से कई विशेष टॉय ट्रेन सेवाएं शुरू करने जा रहा है। इस फेस्टिव सीजन में पर्यटकों को भाप इंजन से चलने वाली ‘रेड पांडा’ (Red Panda) और रवींद्रनाथ टैगोर की कालजयी रचना को समर्पित ‘मुक्तधारा’ (Muktadhara) टॉय ट्रेन की सवारी का अनूठा अनुभव मिलेगा।
विशेष टॉय ट्रेन सेवाओं का ब्योरा और प्रस्तावित किराया
DHR अधिकारियों के अनुसार, इन विशेष टॉय ट्रेनों का संचालन पर्यटकों को दार्जिलिंग की सुरम्य वादियों, ऐतिहासिक धरोहर और अनूठे ट्रेन सफर का लुत्फ उठाने का अवसर प्रदान करने के लिए किया जा रहा है।
| ट्रेन सेवा का नाम | रूट (मार्ग) | इंजन का प्रकार | सेवा का प्रकार | प्रस्तावित किराया (प्रति यात्री) |
| दार्जिलिंग-घूम जॉयराइड | दार्जिलिंग ↔ घूम | डीजल इंजन | 4 एकतरफा यात्राएं | ₹800 |
| रेड पांडा (Red Panda) | कुरसियांग ↔ महानदी | स्टीम (भाप) इंजन | 2 दोतरफा (Round Trips) | ₹1,530 |
| मुक्तधारा (Muktadhara) | कुरसियांग ↔ महानदी | डीजल इंजन | 2 दोतरफा (Round Trips) | ₹1,030 |
रवींद्रनाथ टैगोर से जुड़ा है ‘मुक्तधारा’ का नाता
कुरसियांग और महानदी स्टेशनों के बीच चलने वाली ‘मुक्तधारा’ स्पेशल टॉय ट्रेन का नाम विश्वकवि रवींद्रनाथ टैगोर की प्रसिद्ध साहित्यिक रचना से प्रेरित है। ऐसा माना जाता है कि टैगोर ने इस पर्वतीय क्षेत्र में स्थित खूबसूरत पगलाझोरा झरने से प्रभावित होकर अपनी रचना ‘मुक्तधारा’ लिखी थी। रेलवे और पर्यटन विभाग को उम्मीद है कि इस दुर्गा पूजा पर देश-विदेश से आने वाले सैलानी इन हेरिटेज ट्रेनों के जरिए पर्वतीय सुंदरता को करीब से निहार सकेंगे।


