राजनगर के बड़ा सिजुलता में धूम धाम से मना गौड़ सेवा संघ का 37वां स्थापना दिवस,बड़ी संख्या में जुटे समाज के लोग
सरायकेला/राजनगर
02 अक्टूबर, 2026,
शुक्रवार (भाग्य सागर)

गौड़ सेवा संघ सरायकेला-खरसावां जिला समिति का 37 वां स्थापना दिवस आज राजनगर प्रखंड के बड़ा सिजुलता गांव में पारंपरिक उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। समारोह में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से गौड़ समाज के पदाधिकारी एवं समाज के सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए। समाज के झंडोत्तोलन से समारोह का शुभारंभ हुआ। इसके बाद स्वतंत्रता सेनानी महात्मा गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री एवं गौड़ सेवा संघ के संस्थापक स्व. देवीलाल प्रधान के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।

सामाजिक परिचर्चा सत्र में सामाजिक एकजुटता, शिक्षा, समाज के विकास, संगठन की मजबूती तथा सामाजिक हित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
मुख्य रूप से उपस्थित गौड़ सेवा संघ के केंद्रीय उपाध्यक्ष हरेकृष्ण प्रधान ने कहा कि समाज की प्रगति के लिए एकजुटता, शिक्षा और संगठनात्मक मजबूती आवश्यक है। उन्होंने समाज के लोगों से आपसी सहयोग एवं समन्वय के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
गौड़ सेवा संघ के केंद्रीय उपाध्यक्ष नेबू प्रधान ने युवा पीढ़ी को शिक्षा के साथ समाज की परंपरा, संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने समाज के जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।
गौड़ सेवा संघ के केंद्रीय उपाध्यक्ष हेमसागर प्रधान ने कहा कि समाज के सर्वांगीण विकास के लिए समाज के हर वर्ग के लोगों के सहयोग और सहभागिता की आवश्यकता है। उन्होंने सामाजिक एकजुटता के साथ सभी वर्गों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
समारोह में केंद्रीय पदाधिकारी हरेकृष्ण प्रधान, नेबू प्रधान, अशोक प्रधान, कृष्णा प्रधान, नागेश्वर प्रधान, हेमसागर प्रधान सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। वक्ताओं ने संगठन को और मजबूत बनाने तथा सामाजिक हित में मिल-जुलकर कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया।
जिला समिति अध्यक्ष अशोक प्रधान ने समारोह में शामिल सभी पदाधिकारियों एवं समाज के लोगों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि समाज के लोगों की सक्रिय सहभागिता से स्थापना दिवस समारोह सफल और यादगार बना। समारोह का संचालन जिला सचिव मुरलीधर प्रधान ने किया, जबकि बड़ा सिजुलता के ग्राम प्रधान मनोहर प्रधान ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

समारोह को सफल बनाने में श्यामसुंदर महाकुड़, पप्पू महाकुड़, जेना महाकुड़, परेश महाकुड़, ज्योति महाकुड़, हरीश महाकुड़, सहन महाकुड़, धीरज, पर्वीर महाकुड़ समेत गौड़ समाज के सैकड़ों लोगों की सक्रिय भागीदारी रही।
