July 21, 2024

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सरायकेला खरसावां जिला उत्कल गौरव स्वर्गीय मधुसूदन दास जी के पुण्यतिथि मनाई गई

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आज खरसावां में उत्कल गौरव स्वर्गीय मधुसूदन दास जी के पुण्यतिथि मनाई गई उत्कल सम्मेलनी जिला सरायकेला खरसावां कमेटी के और से कुमार शाही सामुदायिक भवन सभागार में मधुसूदन दास की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गई मौके पर उत्कल सम्मेलन के जिला कमेटी के सभी पदाधिकारी सदस्यों ने उत्कल गौरव स्वर्गीय मधुसूदन दास की बताए मार्ग पर चलकर भाषा साहित्य संस्कृति उत्थान के लिए संकल्प लिया उत्कल सम्मेलनी के जिलाध्यक्ष ने कहा कि मधुसूदन दास के अथक प्रयास से 1903 में उत्कल सम्मेलन का गठन हुआ था इसके बाद 1 अप्रैल 1936 को स्वतंत्रता ओडिशा प्रदेश का गठन में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी इस अवसर पर उत्कल सम्मेलनी जिला परि दशक सुशील कुमार सारंगी ने कहा कि स्वर्गीय मधुसूदन दास उत्कल सभा उत्कल सम्मेलनी उत्कल साहित्य समाज समिति के विभिन्न संगठन से जुड़े हुए थे श्री षडंगी ने कहा कि ओड़िया भाषा साहित्य का विकास ही हमारा लक्ष्य है विकास के प्रति उत्कल सम्मेलनी हर समय हर पल गंभीर है इसके लिए ऑडियो गांव गांव जाकर हम सभी ने भाषा साहित्य विकास के लिए जन जन तक पहुंच कर एवं महापुरुष मधुसूदन दास के द्वारा उत्कल सम्मेलन की स्थापना के उद्देश्य को पूरा कर तभी हम लोग का सच्ची श्रद्धांजलि होगी ओड़िया भाषा साहित्य विकास के लिए अपने भागता सभी को देना होगा उन्होंने कहा मधुसूदन दास जी 4 फरवरी 1934 को उनकी देहांत हो गया था उनका सारा जीवन भाषा साहित्य संस्कृति उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए थे इस अवसर पर श्रद्धांजलि देने वाले में जिला के जिलाध्यक्ष सुमंत चंद्र महंती जिला परि दशक सुशील कुमार सारंगी जिला सचिव अजय कुमार प्रधान जिला सदस्य नरेंद्र कुमार दास जगजीत सारंगी भरत चंद्र मिश्रा विश्वजीत दास चंद्रभानु प्रधान सपन कुमार मंडल सुजीत हजरा विश्वजीत प्रधान शिव चरण महतो आदि उपस्थित थे

Today in Kharsawan, the death anniversary of Utkal Gaurav Late Madhusudan Das ji was celebrated. On behalf of the Utkal Sammelan District Seraikela Kharsawan Committee, tribute was paid by garlanding Madhusudan Das’s picture in the Kumar Shahi Community Hall Auditorium. Utkal Gaurav took a pledge for the upliftment of language, literature and culture by following the path shown by late Madhusudan Das. On this occasion Sushil Kumar Sarangi said that late Madhusudan Das was associated with various organizations of Utkal Sabha Utkal Sammelani Utkal Sahitya Samaj Samiti Mr. Shadangi said that the development of Odia language literature is our The goal is to develop. Only after fulfilling the purpose of establishing the conference, we will pay our true tribute to all who have contributed for the development of Odia language literature. He said that Madhusudan Das died on February 4, 1934. Among those who paid homage on the occasion were District President Sumant Chandra Mahanti District President Sushil Kumar Sarangi District Secretary Ajay Kumar Principal District Member Narendra Kumar Das Jagjit Sarangi Bharat Chandra Mishra Vishwajeet Das Chandrabhanu Pradhan Sapan Kumar Mandal Sujit Hazra Bishwajit Pradhan Shiv Charan Mahato etc were present

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