मारवाड़ी युवा मंच अखिल भारत मारवाड़ी महिला समिति अखिल भारतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त तत्वाधान में मारवाड़ी धर्मशाला में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा का समापन
मारवाड़ी युवा मंच अखिल भारत मारवाड़ी महिला समिति अखिल भारतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त तत्वाधान में मारवाड़ी धर्मशाला में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा का नौवें व समापन के दिन आचार्य वेदानंद शास्त्री ने बताया कि सूर्पनखा के पति की हत्या रावण ने की थी। इसलिए सूर्पनखा रावण का विनाश चाहती थी। भगवान राम से रावण की शत्रुता का कारण वह बनी ताकि रावण का विनाश हो।

कहा कि जब खरदूषण के वध होने की बात सूर्पनखा ने रावण को सुनाई तो रावण समझ गया भगवान का अवतार हो गया। सोचा तामस देह से भक्ति नहीं होगी तो मुक्ति के लिए उसने भगवान राम से बैर की युक्ति सोची। शास्त्री जी ने कहा कि रावण को विभीषण से प्रेम था। इसलिए उसे अपमानित कर सभा से निकाल दिया ताकि लंका से दूर चला जाए और युद्ध में मारा न जाए। वह जानता था कि लंका के सारे योद्धा मारे जाएंगे। लंका की सत्ता संभालने के लिए विभीषण को जिंदा रखना चाहता था।

रावण ने कहा कि भगवान राम ने रावण के सारे योद्धाओं, परिजनों व दैत्य सेना को मारकर उद्धार कर दिया। विभीषण को राजतिलक देकर सीता और लक्ष्मण, हनुमान, सुग्रीव, जाम्बवान, अंगद आदि के साथ अयोध्या आए। अयोध्या में खुशियां मनाई गई। भगवान राम का राज्याभिषेक हुआ। राम कथा समापन उपरांत सामूहिक हवन किया गया एवं काफी संख्या में भक्तों ने भंडारे का सेवन किया तथा श्री राम भगवान के जय घोष के साथ नौ दिवसीय श्रीराम कथा का भव्य समापन हुआ।
नौवे दिन कथा के मुख्य यजमान सीताराम सेक्सरिया नगर पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी, युवा मंच के अध्यक्ष आकाश अग्रवाल राजकुमार अग्रवाल राहुल अग्रवाल योगेश सेक्सरिया दीपक सेक्सरिया महिला समिति की अध्यक्षा रेखा सेक्सरिया रविंद्र अग्रवाल बबीता अग्रवाल सविता चौधरी इंद्रा अग्रवाल सरोज सेक्सरिया सुषमा चौधरी कविता अग्रवाल एवं काफी संख्या में श्रोतागण उपस्थित थे।
