देश में आचार संहिता लगते ही बदल जाएंगे ये नियम
आधिकारिक निवास से अपने कार्यालय तक शासकीय कार्यों के लिए ही मिलेगा बशर्ते इस प्रकार के सफर को किसी निर्वाचन प्रचार कार्य या राजनीतिक गतिविधि से न जोड़ा जाए। क्या राजनीतिक कार्यकर्ताओं के निवास स्थान पर ‘इफ्तार पार्टी‘ या ऐसी ही कोई अन्य पार्टी आयोजित की जा सकती है जिसका खर्चा सरकारी कोष से किया जाएगा। अपनी निजी क्षमता और अपने निजी निवास स्थान पर ऐसी पार्टी का आयोजन करने की स्वतंत्रता है। क्या सत्ताधारी पार्टी की संभावनाओं को बढ़ावा देने के लिए उपलब्धियों के संबंध में सरकारी कोष की लागत पर विज्ञापन जारी करने पर कोई प्रतिबंध है ?हां।

निर्वाचन अवधि के दौरान प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में सरकारी कोष की लागत पर पार्टी की उपलब्धियों के संबंध में विज्ञापन और सरकारी जन-सम्पर्क मीडिया के दुरूपयोग पर निषेध है।क्या जनसभा आयोजित करने या जुलूस निकालने पर कोई प्रतिबंध है? किसी भी सार्वजनिक या निजी स्थान पर सभा आयोजित करने और जुलूस निकालने के लिए संबंधित पुलिस अधिकारियों से पूर्व लिखित अनुमति लेनी चाहिए। क्या लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करने के लिए कोई समय-सीमा है?रात 00 बजे से प्रात: 6.00 बजे के बीच लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। वह कौन सी अंतिम समय-सीमा है जिसके बाद कोई जनसभा और जुलूस नहीं निकाला जा सकता है? जन सभाएं सुबह 00 बजे से पहले और शाम 10 बजे के बाद आयोजित नहीं की जा सकती हैं।

इसके अतिरिक्त, अभ्यर्थी मतदान के समापन के लिए निर्धारित समय के साथ समाप्त होने वाले 48 घंटे की अवधि के दौरान जनसभाएं और जुलूस नहीं निकाल सकते। मान लीजिए, मतदान का दिन 15 जुलाई है और मतदान का समय सुबह 8 बजे से शाम 5.00 बजे तक है, तो जन सभा और जुलूस 13 जुलाई को शाम 5.00 बजे से बंद हो जाएंगे। क्या ओपिनियन पोल या एक्जिट पोल किसी भी समय आयोजित, प्रकाशित, प्रचारित या प्रसारित किए जा सकते हैं?किसी भी तरह से प्रिंट, इल
