दलमा गज परियोजना में भीषण आग लगने से वन्य जीव जंतु भी झुलसे, डूमरडीह एवं ऊपर पितकी गांव के ग्रामीण भयभीत
सरायकेला : चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के दलमा वन्य प्राणी आश्र्यनी में एक तरफ गर्मी दूसरी ओर आग ओर पानी की किल्लत से वन्य जीवजंतु भीषण गर्मी से हापने लगते है । भोजन और पानी की तलास करते रहते हे। पेट का भूख और आग से बचने के लिए वन्य जीवजंतु आश्रय की तलाश में गांव में पहुंच जाते हैं।

वन विभाग द्वारा आग पर काबू पाने के लिए फायर वाचार का टीम गठित किया गया प्रत्येक टीम में 10 से 12 लोगो का सदस्य हे। इन लोगो द्वारा आग की सूचना और वन पदाधिकारी की निर्देश पर आग को बुझाने जाते ।दो दिनो से नीमडीह थाना क्षेत्र डूमरडीह, ऊपर पितकी,खड़िया बस्ती में गुरुवार सुबह से लेकर साम और रात्रि में भीषण आग का रूप देखने को मिला ।आग गांव के जंगल की ऊपर तथा तराई में आग धू धू करते हुए जल रहा हे ।किसी का हिम्मत नही की आग के सामने ग्रामीण पहुंच पाए और आग पर काबू पाए जा सेके । दलमा जंगल की तराई में बसे बहुल आदिवासी गांव डुमरडीह,ऊपर पितकी गांव के खड़िया बस्ती में आग प्रवेश कर गया था किसी प्रकार ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया ।

आगजनी की सूचना स्थानीय ग्रामीणों ने वन विभाग को दिया गया था परंतु इसके बाबजूद भी फायर वाचार की टीम को नही भेजा गया । जिससे ग्रामीण रात्रि में पहरेदारी करते हुए रात काटा आज सुबह आग की रप्तार कुछ कम हुआ । जेसे जेसे हवा चलने लगता उसी प्रकार आग फैलने लगता ।जिसे देखते हुए स्थानीय ग्रामी। भयवित रहने लगा कही यह विशाल आग के चपेट में गांव को जला न दे ।कोई बार गांव में आग लगा भी था।ग्रामीणों की सूज बुझ से गांव जलने से बच गया।वन एब पर्यावरण विभाग की लपरवाई के कारण आज जंगल में आग लगने की शिलशीला जारी हे।एक तरफ केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा जंगल और वन्य जीव जंतु की संरक्षण के लिए प्रति बर्ष करोड़ों रुपया मुहैया करते हे।फिर भी आग जनि जंगल में चले आरहा है।?
