नहीं रहे रतन टाटा, 86 वर्ष की उम्र में ली आखिरी सांस, ना केवल एक सफल कारोबारी बल्कि एक शानदार लीडर, दानवीर और लाखों लोगों के लिए उम्मीद का थे प्रतीक
भारत के दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा का निधन बुधवार की शाम को हो गया। उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली।रतन टाटा 86 साल के थे। पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत खराब थी। अपने सामाजिक कामों और चैरिटी के लिए मशहूर रतन नवल टाटा ने 86 वर्ष की उम्र में आखिरी सांस ली।

रतन टाटा ने अपनी जिंदगी में बहुत सारी बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं और शायद कुछ शब्दों में उन्हें बयां कर पाना शायद नामुमकिन है। वह ना केवल एक सफल कारोबारी थे बल्कि एक शानदार लीडर, दानवीर और लाखों लोगों के लिए उम्मीद का प्रतीक भी बने।1996 में टाटा ने टेलीकॉम कंपनी टाटा टेलीसर्विसेज की स्थापना कीगौरतलब है कि रतन TATA को 21 साल की उम्र में साल 1991 में ऑटो से लेकर स्टील तक के कारोबार से जुड़े समूह, TATA समूह का चेयरमैन बनाया गया था।

चेयरमैन बनने के बाद रतन टाटा ने टाटा ग्रुप को एक नई ऊंचाई पर पहुंचाया। उन्होंने 2012 तक इस समूह का नेतृत्व किया, जिसकी स्थापना उनके परदादा ने एक सदी पहले की थी। 1996 में टाटा ने टेलीकॉम कंपनी टाटा टेलीसर्विसेज की स्थापना की और 2004 में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) को मार्केट में लिस्ट कराया था।
