भारत में 3 करोड़ बैरल पेट्रोलियम रिजर्व जमा करेगा UAE, अबूधाबी में PM मोदी ने की स्ट्रेटजिक डील
भारत और यूएई के बीच ऊर्जा क्षेत्र में ऐतिहासिक समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अबू धाबी यात्रा के दौरान भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच ऊर्जा सुरक्षा को लेकर एक बड़ा समझौता हुआ है। इस डील के तहत यूएई अब भारत के ‘स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व’ (SPR) में अपने कच्चे तेल का भंडारण बढ़ाएगा। नई व्यवस्था के अनुसार, यूएई भारत में 30 मिलियन (3 करोड़) बैरल तक क्रूड ऑयल स्टोर कर सकेगा। यह फैसला पीएम मोदी और यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच हुई उच्च स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता में लिया गया।
विदेश मंत्रालय ने दी समझौते की जानकारी शुक्रवार को भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने इस महत्वपूर्ण साझेदारी का विवरण साझा किया। उन्होंने बताया कि ‘इंडियन स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व्स लिमिटेड’ और अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) के बीच एक रणनीतिक समझौता हुआ है। इसके जरिए भारत के तेल भंडारण बुनियादी ढांचे में यूएई की भागीदारी को मजबूती दी गई है, जिससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
भारत में निवेश का प्रमुख केंद्र है यूएई विदेश सचिव ने इस बात पर जोर दिया कि यूएई पिछले ढाई दशकों से भारत का सातवां सबसे बड़ा निवेशक रहा है। पीएम मोदी की इस संक्षिप्त यात्रा ने दोनों देशों के बीच निवेश के रिश्तों को नई ऊंचाई दी है। ऊर्जा के साथ-साथ आर्थिक मोर्चे पर भी यह दौरा काफी सफल रहा है।
गैस भंडारण और एलपीजी आपूर्ति पर भी बनी सहमति सिर्फ कच्चे तेल ही नहीं, बल्कि दोनों देश भारत में रणनीतिक गैस भंडार विकसित करने की दिशा में भी सहयोग करेंगे। इसके अलावा, ‘इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन’ और ADNOC के बीच लंबी अवधि के लिए एलपीजी आपूर्ति का समझौता भी हुआ है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यूएई भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए एक अनिवार्य साझेदार बन गया है।

अन्य क्षेत्रों में 5 अरब डॉलर का निवेश ऊर्जा के अलावा यूएई ने भारत के विभिन्न क्षेत्रों में 5 अरब डॉलर के बड़े निवेश की घोषणा की है। इसमें बैंकिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल वित्तीय क्षेत्र शामिल हैं। एमिरेट्स NBD बैंक द्वारा RBL बैंक में निवेश और नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड में अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी का योगदान इसमें प्रमुख है। साथ ही, रक्षा, शिपबिल्डिंग और सुपरकंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण समझौते किए गए हैं।
शिपबिल्डिंग और सुपरकंप्यूटिंग में तकनीकी साझेदारी भारत के शिपबिल्डिंग उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड और दुबई की ड्राईडॉक्स वर्ल्ड के बीच समझौता हुआ है। इसके तहत वाडिनार में शिप रिपेयर हब विकसित किया जाएगा। वहीं, भारत में 8-एक्साफ्लॉप की सुपरकंप्यूटिंग क्षमता स्थापित करने के लिए भी सहमति बनी है, जो भारत के एआई (AI) मिशन को गति देगी। समुद्री व्यापार को आसान बनाने के लिए ‘METRI’ नामक वर्चुअल ट्रेड कॉरिडोर भी लागू किया गया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर चर्चा मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच, दोनों देशों ने समुद्री व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा पर चिंता जताई। विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की निर्बाध आवाजाही पर चर्चा की गई, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। पीएम मोदी ने इस दौरान यूएई की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और राष्ट्रपति जायद अल नाहयान को भारत आने का निमंत्रण भी दिया।
