NEET UG 2026: अब हवाई मार्ग से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचेगा नीट का पेपर, सरकार तैयार कर रही है अभेद्य सुरक्षा प्लान
NEET UG 2026 नीट यूजी (NEET UG) री-एग्जाम को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए देश की राजधानी दिल्ली में एक बेहद महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक हुई। इस बार परीक्षा के प्रश्नपत्रों को लीक से बचाने के लिए उन्हें हवाई मार्ग से भेजने की योजना बनाई जा रही है। इस विशेष सुरक्षा अभियान में भारतीय वायुसेना (IAF) की सहायता ली जा सकती है।
NEET UG 2026 परीक्षा के दौरान सामने आए पेपर लीक और गड़बड़ी के विवादों के बाद केंद्र सरकार आगामी री-एग्जाम की सुरक्षा को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। यह पुनरीक्षा (Re-Exam) 21 जून 2026 को आयोजित की जानी तय हुई है। परीक्षा केंद्रों तक प्रश्नपत्रों को सुरक्षित ढंग से पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना (IAF) के विमानों का उपयोग करने पर सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) गंभीरता से विचार कर रही हैं।
सुरक्षा को ध्यान में ली जाएगी एयरफोर्स की मदद नीट यूजी री-एग्जाम को हर प्रकार के जोखिम से मुक्त रखने के लिए दिल्ली में हुई इस हाई-लेवल मीटिंग की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। इस बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
सरकारी अधिकारियों का मानना है कि सड़क मार्ग की तुलना में हवाई मार्ग से गोपनीय सामग्री भेजने पर रास्ते में किसी भी तरह की छेड़छाड़, चोरी या गोपनीयता भंग होने का खतरा न के बराबर हो जाता है। हालांकि, वायुसेना के इस्तेमाल से जुड़े इस प्रस्ताव पर अभी अंतिम मुहर लगनी बाकी है।
पीएम मोदी को दी जा रही हर अपडेट इस पूरे सुरक्षा और परिवहन प्लान को अंतिम स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री स्वयं आगामी नीट पुनरीक्षा की तैयारियों की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं और उन्हें इस संबंध में लगातार पल-पल की प्रगति रिपोर्ट दी जा रही है।
सिर्फ ट्रांसपोर्ट नहीं, पूरी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा इस महत्वपूर्ण बैठक में केवल प्रश्नपत्रों को लाने-ले जाने पर ही चर्चा नहीं हुई, बल्कि परीक्षा प्रक्रिया के हर एक चरण की गहन समीक्षा की गई। इसमें प्रश्नपत्रों को तैयार करने (पेपर सेटिंग), उनकी छपाई (प्रिंटिंग), सुरक्षित पैकिंग, कस्टोडियल स्टोरेज और अंततः परीक्षा केंद्रों तक की पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था शामिल है। इस मंथन के दौरान NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह के साथ अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
कैसे शुरू हुआ विवाद? उल्लेखनीय है कि देश की सबसे बड़ी चिकित्सा प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 का आयोजन 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेशों के 14 केंद्रों पर किया गया था। परीक्षा संपन्न होने के तुरंत बाद कई राज्यों से पेपर लीक और अनियमितताओं की शिकायतें आईं, जिसके बाद विरोध प्रदर्शन तेज हो गए। गंभीरता को देखते हुए 12 मई को इस परीक्षा को रद्द घोषित कर दिया गया और 21 जून को दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया। फिलहाल, पूरे धांधली मामले की विस्तृत जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा की जा रही है।


