बिहार विधान परिषद चुनाव: दिल्ली में BJP उम्मीदवार होंगे तय, JDU की पटना में लगेगी मुहर, निशांत-दीपक का जाना लगभग कंफर्म
बिहार विधान मंडल बिहार में आगामी विधान परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल काफी बढ़ गई है। इस बीच एनडीए (NDA) गठबंधन के अंदर सीटों के बंटवारे पर मंथन तेज हो गया है। माना जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रत्याशियों का फैसला दिल्ली में किया जाएगा, जबकि जनता दल यूनाइटेड (JDU) अपने उम्मीदवारों के नामों पर पटना में अंतिम मुहर लगाएगी। वहीं मुख्य विपक्षी दल राजद (RJD) में प्रत्याशियों का अंतिम निर्णय लालू प्रसाद यादव के स्तर पर होगा।
बिहार विधान परिषद की 10 सीटों पर होने वाले इस चुनाव के ऐलान के साथ ही राजनीतिक दलों में सरगर्मी तेज हो गई है। उम्मीद है कि एनडीए के सहयोगी दल आपसी समन्वय से सीटों और उम्मीदवारों का चयन कर लेंगे। इस संबंध में बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी का कहना है कि गठबंधन के भीतर सीटों के आवंटन को लेकर कोई मतभेद नहीं है और सभी फैसले समय रहते सर्वसम्मति से ले लिए जाएंगे।
किसके खाते में जायेंगी कितनी सीटें? सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, टिकट पाने की सबसे ज्यादा होड़ भाजपा के भीतर देखने को मिल रही है। गठबंधन के फॉर्मूले के तहत कुल 10 सीटों में से जदयू को 4 और भाजपा को 3 सीटें मिलने की संभावना है। इसके अलावा एक सीट राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) और एक सीट चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के खाते में जा सकती है।
भाजपा अपने हिस्से की सीटों के लिए उम्मीदवारों का नाम दिल्ली में केंद्रीय आलाकमान की बैठक के बाद तय करेगी। संभावना है कि अगले सप्ताह होने वाली पार्टी की संसदीय बोर्ड की बैठक में इन नामों पर अंतिम निर्णय हो जाएगा। दूसरी तरफ, जदयू के उम्मीदवारों की सूची पटना में मुख्यमंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार वरिष्ठ नेताओं के साथ विचार-विमर्श कर फाइनल करेंगे।
बीजेपी इन्हें दे सकती है तवज्जो भाजपा की तीन सीटों के लिए दावेदारों की लंबी फेहरिस्त है। विशेषकर उन अतिपिछड़े (EBC) समाजों के नेताओं में काफी उम्मीदें हैं, जिन्हें अब तक उच्च सदन में प्रतिनिधित्व का मौका नहीं मिल सका है। इनमें कुम्हार (प्रजापति), माली (मालाकार) और पासी समाज के नाम प्रमुखता से चर्चा में हैं। इसके साथ ही, भाजपा द्वारा इस बार यादव समुदाय के किसी चेहरे को भी परिषद भेजने की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है।
जदयू में निशांत का नाम तय, तीन अन्य पर मंथन जदयू खेमे से एक सीट पर स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की उम्मीदवारी पूरी तरह तय मानी जा रही है। बाकी बची तीन सीटों के लिए कई नेताओं के नामों पर विचार चल रहा है। चर्चा है कि पार्टी सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए एक सीट किसी अल्पसंख्यक नेता को दे सकती है, जबकि बची हुई दो सीटों पर एक अतिपिछड़ा और एक कोइरी-कुशवाहा समाज के प्रतिनिधि को मौका दिया जा सकता है।
रालोमो से मंत्री दीपक प्रकाश, लोजपा में कई दावेदार राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) की ओर से सरकार में मंत्री दीपक प्रकाश को प्रत्याशी बनाया जाना तय माना जा रहा है। दीपक प्रकाश और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार मौजूदा सरकार के ऐसे दो मंत्री हैं, जो फिलहाल विधानमंडल के किसी भी सदन (विधानसभा या विधानपरिषद) के सदस्य नहीं हैं। नियम के मुताबिक, पद पर बने रहने के लिए उन्हें छह महीने के भीतर सदस्यता लेनी अनिवार्य है। वहीं, लोजपा (रामविलास) के कोटे की सीट के लिए भी कई नेता रेस में शामिल हैं।
राजद के उम्मीदवार का फैसला राष्ट्रीय जनता दल (RJD) अपने 25 विधायकों की संख्या बल के आधार पर आसानी से एक सीट जीत सकता है। इस सीट पर प्रत्याशी चयन का पूरा अधिकार पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के पास सुरक्षित है।


