बिहार में 1 अगस्त से बदल जाएगी जमीन रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया, नहीं लगाने पड़ेंगे ऑफिस के चक्कर
बिहार में अब जमीन अथवा मकान की रजिस्ट्री कराने वाले लोगों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। राज्य में संपत्ति पंजीकरण की पुरानी कागजी प्रक्रिया को समाप्त कर इसे पूरी तरह से डिजिटल बनाने की तैयारी कर ली गई है। आगामी 1 अगस्त से पूरे बिहार में भूमि और फ्लैट की रजिस्ट्री की व्यवस्था पूर्ण रूप से पेपरलेस (कागज रहित) हो जाएगी। इस नई पहल के अंतर्गत राज्य के सभी रजिस्ट्री दफ्तरों में ऑनलाइन माध्यम से ही पंजीकरण का काम निपटाया जाएगा, जिससे लोगों को मोटी फाइलों के साथ कार्यालयों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
यहां पेपरलेस हुआ सिस्टम
डिजिटल रजिस्ट्री की इस अनूठी पहल पर काम शुरू किया जा चुका है। ट्रायल के तौर पर हाजीपुर के जिला निबंधन कार्यालय में इस पेपरलेस व्यवस्था को सफलतापूर्वक लागू कर दिया गया है। इसी क्रम में, आगामी 18 जुलाई से प्रदेश के नौ अन्य निबंधन कार्यालय भी इस डिजिटल प्रणाली से जोड़ दिए जाएंगे। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से (Phase-wise) पटना, मधुबनी समेत बिहार के सभी शेष जिलों में भी इस अत्याधुनिक डिजिटल रजिस्ट्री प्रक्रिया को पूरी तरह से लागू कर दिया जाएगा।
लोगों को मिलेगा ये फायदा
इस नई ऑनलाइन व्यवस्था के लागू होने से आम जनता को कई बड़े फायदे होंगे। अब डीड (दस्तावेज) तैयार करने, उनकी बारीकी से जांच करने, सत्यापन (वेरिफिकेशन) और रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया को इंटरनेट के जरिए ऑनलाइन ही पूरा किया जाएगा। जब क्रेता (खरीदार), विक्रेता (बेचने वाला) और संबंधित अधिकारी अपने डिजिटल सिग्नेचर (e-signature) दर्ज कर देंगे, तभी रजिस्ट्री की प्रक्रिया को पूर्ण माना जाएगा। इस कदम से न केवल कागजी झंझटों से मुक्ति मिलेगी, बल्कि पूरी प्रणाली में पारदर्शिता आएगी और धोखाधड़ी की गुंजाइश भी खत्म होगी।
इन्हें दी जाएगी ट्रेनिंग
नई व्यवस्था को जमीनी स्तर पर बिना किसी बाधा के लागू करने के लिए सरकार विशेष तैयारी कर रही है। इसके तहत रजिस्ट्री विभाग से जुड़े सभी कर्मचारियों, अधिकारियों और अन्य संबंधित हितधारकों को विशेष तकनीकी प्रशिक्षण (Training) दिया जाएगा। इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों के समय की बचत करना और उन्हें रजिस्ट्री दफ्तरों में लगने वाली लंबी कतारों व बिचौलियों के चक्करों से मुक्ति दिलाना है।
फिलहाल ई-निबंधन की सुविधा
जिन क्षेत्रों या निबंधन कार्यालयों में अभी तक पूर्णतः डिजिटल पेपरलेस सिस्टम शुरू नहीं हो पाया है, वहां वर्तमान में ‘ई-निबंधन’ (e-registration) की वैकल्पिक सुविधा दी जा रही है। इसके अंतर्गत जमीन या फ्लैट की रजिस्ट्री कराने के इच्छुक लोग विभाग के आधिकारिक वेब पोर्टल enibadhan.bihar.gov.in पर जाकर अपने दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं। डाक्यूमेंट्स अपलोड होने के बाद उन्हें अंतिम पंजीकरण के लिए एक निश्चित तारीख और समय (Appointment) मिल जाता है, जिस तय समय पर जाकर वे कार्यालय में अपनी रजिस्ट्री की प्रक्रिया को पूरा करा सकते हैं।
