सरायकेला के सिनी CLF की नवनिर्मित बेकरी यूनिट का उपायुक्त ने किया उद्घाटन
सरायकेला,15 अक्टूबर 2026,
गुरुवार (भाग्य सागर):

सरायकेला-खरसावां जिला प्रशासन द्वारा
ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बनाने तथा उनके आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तीकरण की दिशा में निरंतर प्रयास जारी है। इसी क्रम में आज सरायकेला प्रखंड अंतर्गत सिनी संकुल स्तरीय संगठन (CLF) द्वारा संचालित नव निर्मित बेकरी यूनिट का विधिवत उद्घाटन किया गया। जिला प्रशासन के सहयोग एवं टाटा स्टील फाउंडेशन के कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत स्थापित इस यूनिट का शुभारंभ उपायुक्त, उप विकास आयुक्त, स्थानीय जन प्रतिनिधियों एवं अन्य उपस्थित अतिथियों द्वारा फीता काट कर किया गया,15 महिलाएं इस बेकरी यूनिट के संचालन से जुड़ी हुई हैं।
यूनिट का संचालन जेएसएलपीएस से जुड़ी आजीविका दीदियों द्वारा किया जा रहा है।

सरायकेला-खरसावां जिला प्रशासन द्वारा
ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बनाने तथा उनके आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तीकरण की दिशा में निरंतर प्रयास जारी है। इसी क्रम में आज सरायकेला प्रखंड अंतर्गत सिनी संकुल स्तरीय संगठन (CLF) द्वारा संचालित नव निर्मित बेकरी यूनिट का विधिवत उद्घाटन किया गया। जिला प्रशासन के सहयोग एवं टाटा स्टील फाउंडेशन के कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत स्थापित इस यूनिट का शुभारंभ उपायुक्त, उप विकास आयुक्त, स्थानीय जन प्रतिनिधियों एवं अन्य उपस्थित अतिथियों द्वारा फीता काट कर किया गया,15 महिलाएं इस बेकरी यूनिट के संचालन से जुड़ी हुई हैं।
यूनिट का संचालन जेएसएलपीएस से जुड़ी आजीविका दीदियों द्वारा किया जा रहा है।

बेकरी यूनिट में स्वच्छता एवं उत्पादों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखते हुए प्रारंभिक चरण में पांच प्रकार के उत्पादों का निर्माण किया जाएगा, जिनमें व्हाइट ब्रेड, पाव, कुकीज़, टोस्ट एवं केक शामिल हैं।
भविष्य में बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादों की विविधता बढ़ाने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।
यूनिट के व्यावसायिक विस्तार एवं बाजार तक उत्पादों की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से सिनी रेलवे स्टेशन में बेकरी उत्पादों की बिक्री के लिए एक रिटेल शॉप खोलने की भी योजना है। यूनिट परिसर में ग्राहकों के बैठने एवं उत्पादों का सेवन करने की सुविधा (डाइन-इन सर्विस) विकसित करने की भी योजना बनाई जा रही है। इस संबंध में विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार कर जिला परिषद से वित्तीय सहयोग प्राप्त करने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।

इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना तथा उन्हें आजीविका के स्थायी साधनों से जोड़ना समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने, कौशल विकास को बढ़ावा देने तथा उन्हें उद्यमिता के क्षेत्र में प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न योजनाओं एवं पहलों के माध्यम से प्रयास किए जा रहे हैं।
महिला सशक्तीकरण का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाना, उनकी निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करना तथा सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ाना भी है। जिला प्रशासन द्वारा आजीविका दीदियों को स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जोड़ने के साथ-साथ उनकी आजीविका को सुदृढ़ करने तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर विकसित करने की दिशा में आगे भी प्रयास किए जाएंगे।
उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों एवं सहयोगी संस्थाओं से आजीविका दीदियों को आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहयोग उपलब्ध कराने पर बल दिया, ताकि बेकरी यूनिट का संचालन सुचारु रूप से हो सके तथा महिलाएं अपने उद्यम का विस्तार कर सकें। इस प्रकार की पहल से महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ उनके परिवारों के जीवन स्तर में सुधार तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलने में सहायता मिलेगी।
कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त, रीना हांसदा, जिला परिषद सदस्य, जेएसएलपीएस के जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM) पंकज कुमार, डीएमएफटी के रिसर्च एसोसिएट शुभम कुमार सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी तथा सिनी CLF से जुड़ी आजीविका दीदियां उपस्थित रहीं।

