जल जीवन मिशन के योजनाओं की उपायुक्त ने की समीक्षा-प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार तक नल-जल सुविधा पहुंचाने पर जोर
सरायकेला,15 अक्टूबर 2026.
गुरुवार (भाग्य सागर)

समाहरणालय सभागार में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जल जीवन मिशन अंतर्गत संचालित ग्रामीण पेय जलापूर्ति योजनाओं के प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। सर्वप्रथम पूर्व की बैठकों में दिए गए निर्देशों के अनुपालन तथा निर्धारित अवधि के अनुरूप योजनाओं को पूर्ण करने की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान जल उपचार संयंत्र (वाटर ट्रीटमेंट प्लांट), पाइपलाइन निर्माण, बहु-ग्रामीण जलापूर्ति योजना (MVS), एकल ग्रामीण जलापूर्ति योजना (SVS), इंटरवेल निर्माण कार्य, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), हर घर जल सहित अन्य संबंधित योजनाओं की कार्य प्रगति की योजनावार समीक्षा की गई।

उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों एवं संवेदकों को लंबित कार्यों में तेजी लाने तथा निर्धारित समय-सीमा के मध्य योजनाओं का गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
धीमी कार्य प्रगति वाली योजनाओं पर असंतोष व्यक्त करते हुए उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों एवं संवेदकों को कार्यों में तेजी लाने तथा लंबित निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने का निर्देश दिया। कार्यों में विलंब के कारणों की समीक्षा करते हुए संबंधित अभियंताओं को नियमित अनुश्रवण एवं कार्यस्थलों का निरीक्षण सुनिश्चित करने तथा योजनाओं की अद्यतन प्रगति से जिला मुख्यालय को अवगत कराने को कहा।

उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया जिन योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब हो रहा है अथवा जिनमें निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य नहीं किया जा रहा है, उनसे संबंधित संवेदकों के विरुद्ध संविदा की शर्तों एवं प्रचलित नियमों के अनुरूप कार्रवाई की जाए। उन्होंने कार्य में लापरवाही बरतने वाले संवेदकों के विरुद्ध नियमानुसार विभागीय कार्रवाई करने तथा आवश्यकतानुसार ब्लैकलिस्ट करने की अनुशंसा संबंधित विभाग को भेजने का निर्देश दिया।

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिन योजनाओं में संरचनात्मक निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, उनमें पाइपलाइन बिछाने सहित शेष कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने, जल उपचार संयंत्र, पाइपलाइन, MVS, SVS एवं इंटरवेल निर्माण से संबंधित कार्यों को निर्धारित समय में पूर्ण कर योजनाओं को क्रियाशील बनाने हेतु आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने, कार्य पूर्ण हुए योजनाओं को शीघ्र चालू कराने तथा निर्धारित प्रक्रिया के तहत हस्तांतरण की कार्रवाई पूरी की जाय। उन्होंने कहा कि योजनाओं का निर्माण पूर्ण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके संचालन को प्रारंभ कर ग्रामीण परिवारों को नियमित रूप से पेयजल उपलब्ध कराना भी संबंधित पदाधिकारियों एवं कार्यदायी एजेंसियों की जिम्मेदारी है।
जिले के सभी संबंधित ग्रामीण क्षेत्रों में छूटे हुए टोला, गांव एवं घरों को चिह्नित कर उन्हें नल-जल योजना से जोड़ने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने सहित अन्य आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।

