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June 19, 2024

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शादी से कुछ घंटों पहले लोग फेंक रहे थे ईंट-पत्थर, सबको लगा अब नहीं हो पाएगी शादी, फिर कुछ हुआ ऐसा कि खुश हो गयी दुल्हन

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पलामू. झारखंड के पलामू जिले के पाकी इलाके में दंगे के बाद धारा 144 लागू है. जिले में इंटरनेट सेवा बंद है और पूरा इलाका छावनी में तब्दील है. इन सब के बीच क्या आप सोच सकते हैं किसी की शादी कैसे हो पाएगी? लेकिन शादी पहले से तय थी, ऐसे में मुहूर्त के अनुसार आखिरकार किसी तरह यह अनोखी शादी (Unique Marriage) हो ही गयी. दरअसल पलामू में खुशी और गजेंद्र की शादी के चंद घंटों पहले दुल्हन के घर के सामने ही ईंट रोड़े और पत्थर चलने लगे थे, जिससे पूरा परिवार सहम गया और लोगों के में आशंका आ गयी कि क्या यह शादी होगी या नहीं?

बता दें, खुशी और गजेंद्र की शादी के कुछ घंटों पहले तैयारियां चल रही थी. लेकिन, इसी दरम्यान अचानक हंगामा शुरू हो गया और फिर ईंट पत्थर और रोड़ेबाजी शुरू हो गई. लोग एक दूसरे को मरने-मारने पर उतारू हो गए. कुछ ही पलों में आगजनी कर दी गई. 3 घरों को आग के हवाले कर दिया गया. इस घटना को देख दुल्हन खुशी और उनके पिता गोवर्धन करमाली के साथ पूरा परिवार सहम गया. दुल्हन रोने लगी तो पिता के पैरों तले जमीन ही खिसक गई उन्हें ऐसा लगा कि कहीं उनकी बेटी की शादी ही न टल जाए.

बिना बैंड-बाजा के ही पहुंची बारात
लेकिन, कुछ ही समय के बाद पुलिस की टीम पहुंची और पूरी स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया, जिस कारण वो बातें जो थोड़ी देर पहले पूरे परिवार को परेशान कर रही थी वो दूर हो चुकी थी. थोड़ी ही देर में बारात घर के दरवाजे पर पहुंची. लेकिन, बैंड-बाजा नहीं था और न ही कोई दोस्त डांस कर रहा था. दरअसल प्रशासन के द्वारा बैंड-बाजे की परमिशन नहीं दी गयी थी.

एक तरफ खुशी तो दूसरी तरफ रह गया मला
इस दौरान दुल्हन खुशी ने कि उन्हें अच्छा लग रहा है कि एबी हालात काबू में है. उन्होंने बताया कि कई रिश्तेदारों को उसने खुद फोन कर शादी में आने से मना किया क्योंकि हालात तनावपूर्ण थे. हालांकि उन्हें एक मलाल जरूर है कि बाराती नाचते-गाते नहीं आए. हालांकि वो इन खट्टी यादों को भूल मीठी यादों को ही संजोने का काम करेगी. खुशी ने बताया कि उनके होने वाले पति गजेंद्र इंडियन नेवी में हैं.

शादी से पहले जमकर चल रहे थे ईंट-पत्थर
बात दें, पलामू के पाकी के राहे वीर पहाड़ी पर महाशिवरात्रि के मौके पर शिव बारात निकलने की परंपरा रही है. इसे लेकर तोरण द्वार लगाया जा रह था. लेकिन, इस तोरण द्वारा को उखाड़ दिया गया. इसी के विरोध में इलाके में पत्थरबाजी की जाने लगी, जिस कारण कई लोग घायल हो गए. वहीं जब पुलिस वालों ने स्थिति नियंत्रित करने की कोशिश की तो पुलिस वालों पर भी पथराव किया गया, जिसमें एक एसडीपीओ सहित 4 जवान घायल हो गए. हालांकि अतिरिक्त बलों ने मौके पर पहुंच स्थिति को नियंत्रित किया और हुड़दंगियों को खदेड़ भगाया.

‘शादी की कई विधियों को पूरा नहीं किया जा सका’
खुशी के पिता का कहना है कि इस दंगे की वजह से शादी की कई विधियों को पूरा नहीं किया जा सका हालांकि शादी हो रही है, उन्हें इसकी खुशी है. उन्होंने बताया कि कई रिश्तेदार नहीं पहुंच पाए और शादी में जो उत्साह होता है उसकी कमी रह गयी. बारात औरंगाबाद के गोह जिले से पांकी पहुंची थी. शादी में नाच-गाना न होने का मलाल घर की ल़डकियों और महिलाओं को मायूस करता दिखा. उनका कहना है कि दूसरे पक्ष के लोगों के द्वारा जिस तरह से उपद्रव किया गया. उससे स्थिति ऐसी बन गई कि सभी परेशान हो गए. दूल्हे पक्ष से आए लोगों का भी कहना है कि शादी मे जिस उत्साह के साथ वो शामिल होने आए थे वो थोड़ा फीका पड़ गया. हालांकि उन्होंने प्रशासन की सतर्कता की वजह से शादी संपन्न होने पर अपनी खुशी जरूर जाहिर की.

Palamu. Section 144 is applicable after riots in Paki area of ​​Palamu district of Jharkhand. Internet service is closed in the district and the entire area has been converted into a cantonment. Amidst all this, can you imagine how anyone will be able to get married? But the marriage was pre-decided, so according to the auspicious time, somehow this unique marriage took place. In fact, a few hours before the marriage of Khushi and Gajendra in Palamu, bricks and stones started moving in front of the bride’s house, due to which the whole family got scared and people got apprehensive whether this marriage would happen or not?

Let me tell you, a few hours before the marriage of Khushi and Gajendra, preparations were going on. But, in the meantime, a sudden uproar started and then brick and stone pelting started. People were bent on killing each other. In a few moments the arson was done. 3 houses were handed over to the fire. Seeing this incident, the whole family along with the bride Khushi and her father Govardhan Karmali were shocked. When the bride started crying, the ground slipped under her father’s feet. He felt that his daughter’s marriage might get postponed.

The procession reached without band-baja
But, after some time the police team arrived and the whole situation was brought under control, due to which the things which were troubling the whole family a while back had gone away. Within a short time the procession reached the door of the house. But, there was no band and neither was any friend dancing. In fact, permission was not given by the administration to play the band.

On one side there is happiness and on the other side there is misery.
During this, the bride Khushi said that she is feeling good that AB is in control of the situation. He told that he himself called many relatives and asked them not to attend the wedding as the situation was tense. However, he definitely has a regret that the baraatis did not come dancing and singing. However, forgetting these sour memories, she will work to cherish the sweet memories only. Khushi told that her future husband Gajendra is in the Indian Navy.

Brick and stone were going on fiercely before marriage
Let me tell you, there has been a tradition of taking out a Shiva procession on the occasion of Mahashivratri at Veer Pahari on the way to Paki in Palamu. With this, the toran gate was being installed. But, this archway was uprooted. against this

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