Categories

September 16, 2026

INDIA FIRST NEWS

Satya ke saath !! sadev !!

मुख्य शीर्षक: क्या 2029 का लोकसभा चुनाव लड़ेंगे अभिजीत दीपके? जानें CJP संस्थापक का क्या रहा जवाब

हिंगोली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मंगलवार को महाराष्ट्र सरकार से एक अहम मांग उठाई। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बच्चों के लिए सरकारी स्कूलों में पढ़ना अनिवार्य किया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यार्थियों को स्कूल तक आने-जाने के लिए परिवहन सुविधा न मिलने को लेकर प्रशासन पर सवाल उठाए। आगामी लोकसभा चुनाव लड़ने से जुड़े सवालों पर भी उन्होंने अपना पक्ष रखा।

हिंगोली लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया

हाल ही में ‘स्कूल सुधार अभियान’ की शुरुआत करने वाले अभिजीत दीपके ने सुझाव दिया कि जन प्रतिनिधियों और मंत्रियों को कम से कम एक दिन अपने बच्चों को गांव के सरकारी विद्यालयों में भेजना चाहिए, ताकि वे ग्रामीण छात्रों की कठिनाइयों को समझ सकें। अपने गृह जिले हिंगोली के लिम्बाला में मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान जब उनसे आगामी लोकसभा चुनाव लड़ने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि यदि शासन सभी सरकारी शिक्षण संस्थानों की स्थिति सुधार देता है, तो उनके पास चुनाव मैदान में उतरने का कोई कारण ही नहीं रहेगा।

दीपके ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग नहीं चाहते कि सरकारी प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों का स्तर सुधरे। उनका मानना है कि यदि गरीब परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी, तो वर्तमान नेताओं की भावी पीढ़ी के लिए राजनीतिक राह आसान नहीं रहेगी।

सोशल मीडिया पर वीडियो किया था साझा

इससे पूर्व अभिजीत दीपके ने एक जिला परिषद विद्यालय का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया था, जिसमें एक शिक्षक के कक्षा के भीतर कथित रूप से नशे की हालत में पड़े होने का दावा किया गया था। इस शिकायत के संज्ञान में आने के बाद विभागीय अधिकारियों ने संबंधित शिक्षक को निलंबित कर दिया।

दीपके ने स्पष्ट किया कि जब तक विद्यालय में नए शिक्षक की पदस्थापना नहीं हो जाती, वे गांव में अपनी मौजूदगी बनाए रखेंगे। उन्होंने बताया कि संबंधित स्कूल में चार अध्यापकों के पद स्वीकृत हैं, जबकि केवल दो कार्यरत हैं। उन्होंने अतिरिक्त अध्यापकों की नियुक्ति की मांग दोहराते हुए जल्द ही अन्य विद्यालयों के निरीक्षण की बात कही।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *