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September 15, 2026

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बंगाल में न्यायाधीशों के काफिले पर हमला, मालदा में 100 से अधिक वाहन क्षतिग्रस्त

Bengal Election: मालदा: पश्चिम बंगाल मालदा में उग्र प्रदर्शन कर रहे लोगों ने न्यायाधीशों के काफिले पर हमला कर दिया. इस दौरान हुए पत्थरबाजी में करीब 100 गाड़ियों के शीशे तोड़ डाले गये. प्रदर्शनकारियों पर सात न्यायाधीशों को बंधक बनाने का भी आरोप है. हालांकि बाद में पुलिस ने सभी को वहां से सुरक्षित निकाल लिया. समाचार एजेंसी पीटीआई ने घटना का वीडियो जारी किया है, जिसमें देखा जा सकता है कि न्यायिक अधिकारियों को बचा रहे पुलिस काफिले पर हमला करने का प्रयास किया गया. बांस की लाठियां फेंककर वाहन को रोकने की कोशिश की गई. वाहन की खिड़कियों को ईंटों और पत्थरों से तोड़ने के आरोप हैं. कार की सीटों पर कांच के टुकड़े मिले हैं. चुनाव आयोग ने पूरी घटना पर रिपोर्ट मांगी है.

आधी रात को न्यायाधीशों को बचाने पहुंची पुलिस

चुनाव आयोग लगभग हर दिन सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट जारी कर रहा है. सूत्रों के अनुसार, अब तक लगभग 22 लाख मतदाताओं के नाम सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट में काटे जा चुके हैं. इसके विरोध में मालदा में स्थिति धीरे-धीरे गरमा रही है. जिन लोगों के नाम सूचियों में काटे गए हैं, वे सड़कों पर उतर आए हैं. बुधवार दोपहर से जिले के कई स्थानों पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए. इसी बीच, मालदा के कालियाचक से खबर आई कि दोपहर से ही सात न्यायिक अधिकारियों को घेर लिया गया है. यह सूचना उच्च न्यायालय को दी गई. चुनाव आयोग से भी संपर्क किया गया है. पुलिसकर्मी आधी रात को उन अधिकारियों को बचाने के लिए पहुंचे. उन्हें छुड़ाकर काफिले में ले जाया गया, लेकिन इसके बावजूद भी हंगामा जारी रहा.

अब तक शुरू नहीं हुआ न्यायाधिकरण का काम

चुनाव आयोग का कहना है कि जिन मतदाताओं के नाम लंबित सूची से छूट गए हैं, वे चाहें तो एसआईआर ट्रिब्यूनल में अपील कर सकते हैं. एसआईआर ट्रिब्यूनल उनकी वैधता पर निर्णय लेगा. चुनाव आयोग ने कहा था कि यह कार्य गुरुवार से शुरू होगा. हालांकि, यह कार्य अब तक नहीं शुरू हो पाया है. सूत्रों के अनुसार, सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के कई सवालों का आयोग ने आज कोई जवाब नहीं दिया. एसआईआर ट्रिब्यूनल के कुछ सदस्यों द्वारा असंतोष व्यक्त करने के बाद बैठक स्थगित कर दी गई. इस माहौल में न्यायिक अधिकारियों पर हमले की घटना को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

राजनीतिक बयानबाजी तेज

बलूरघाट से भाजपा सांसद सुकांत मजूमदार ने कहा- न्यायाधीशों को न केवल बंधक बना लिया गया है, बल्कि जब न्यायाधीशों को बचाया जा रहा था, तब सड़क पर बांस की लाठियां फेंककर काफिले को रोकने की कोशिश की गई. महिला न्यायाधीशों के साथ शारीरिक दुर्व्यवहार के प्रयास भी किए गए हैं. यह सब तृणमूल कांग्रेस की साजिश है. बेलघाटा से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार कुणाल घोष ने कहा- हम इसका समर्थन नहीं करते. हालांकि, इसके लिए चुनाव आयोग ही जिम्मेदार है, जिसने ऐसी स्थिति पैदा की है. आयोग ही सारी चालें चल रहा है. इसलिए, उन्हें जिम्मेदारी लेनी चाहिए.

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