कौन हैं आईएएस अधिकारी कुमार रवि? मुख्यमंत्री सचिवालय के बाद अब बने निशांत के विभाग के मुख्य सचिव
बिहार प्रशासनिक फेरबदल: आईएएस कुमार रवि को मिली स्वास्थ्य विभाग की कमान
बिहार सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए 16 आईपीएस अधिकारियों के तबादले की अधिसूचना जारी की है। इस पूरे फेरबदल में सबसे अधिक ध्यान आईएएस अधिकारी कुमार रवि के नए पदभार ने खींचा है। कुमार रवि को अब राज्य के स्वास्थ्य विभाग का नया सचिव नियुक्त किया गया है।
क्यों चर्चा में है आईएएस कुमार रवि का तबादला?
आईएएस कुमार रवि की नई नियुक्ति राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। इससे पहले वे मुख्यमंत्री सचिवालय में अपनी सेवाएँ दे रहे थे, जहाँ उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ बेहद करीब से काम किया। अब सत्ता समीकरण बदलने और सम्राट कैबिनेट के विस्तार के बाद, नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार को स्वास्थ्य मंत्री की जिम्मेदारी मिली है। कुमार रवि अब निशांत कुमार के नेतृत्व वाले स्वास्थ्य विभाग में सचिव के रूप में अपनी भूमिका निभाएंगे। गौरतलब है कि उनसे पहले लोकेश कुमार सिंह इस पद पर थे, जिन्हें अब पर्यटन विभाग का सचिव बनाया गया है।

कुमार रवि का शानदार प्रशासनिक सफर
कुमार रवि को बिहार के सबसे सक्षम और तेज-तर्रार अधिकारियों में गिना जाता है। मूल रूप से नालंदा जिले के निवासी कुमार रवि की शैक्षणिक पृष्ठभूमि बेहद मजबूत है; उन्होंने आईआईटी कानपुर से बीटेक किया है। उन्होंने दो बार यूपीएससी की परीक्षा पास की—पहली बार 2003 में आईआरएस के लिए और दूसरी बार 2005 में, जब उन्होंने अखिल भारतीय स्तर पर 10वीं रैंक हासिल कर आईएएस का पद प्राप्त किया।
अनुभव और उपलब्धियां
अपने करियर के दौरान कुमार रवि ने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। वे पटना, गया और दरभंगा जैसे बड़े जिलों के जिलाधिकारी (DM) रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने पटना प्रमंडलीय आयुक्त और भवन निर्माण विभाग के सचिव के तौर पर भी शानदार काम किया है। साल 2008 में सुपौल में आई भीषण बाढ़ के दौरान उनके द्वारा किए गए राहत और बचाव कार्यों की व्यापक स्तर पर सराहना की गई थी। अब उनकी प्रशासनिक कुशलता का लाभ स्वास्थ्य विभाग को मिलेगा।
