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September 15, 2026

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बंगाल चुनाव 2026 की उल्टी गिनती शुरू, जानें कब से लगेगी आचार संहिता और क्या होगा असर

West Bengal Assembly Elections 2026: बंगाल चुनाव 2026 की उल्टी गिनती शुरू हो गयी है. पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों पर चुनाव की घोषणा कभी भी हो सकती है. क्या आप जानते हैं कि कब से पश्चिम बंगाल में आचार संहिता लगेगी और इसका क्या असर होगा? आइए, आपको बताते हैं कि किसी भी राज्य में आचार संहिता कब लगती है और उसकी वजह से क्या-क्या बदलाव आते हैं.

7 मई को खत्म हो रहा है बंगाल विधानसभा का कार्यकाल

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में इलेक्शन कमीशन की फुल बेंच ने 9-10 मार्च को कोलकाता का दौरा पूरा कर लिया. चूंकि वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 7 मई, 2026 को समाप्त हो रहा है, इसलिए चुनाव की घोषणा अब कभी भी हो सकती है. अप्रैल के अंत तक मतदान प्रक्रिया पूरी हो जाने की उम्मीद है.

कब से लगेगी आचार संहिता और क्या होगा असर?

इलेक्शन कमीशन जैसे ही किसी राज्य में विधानसभा चुनाव की घोषणा करती है, उसके साथ ही पूरे प्रदेश में आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct – MCC) लागू हो जाती है. आचार संहिता लागू होने के बाद सरकार किसी जनकल्याणकारी योजना को लागू नहीं कर सकती. राज्य में काम करने वाले अधिकारियों को कोई निर्देश नहीं दे सकती. राज्य सरकार के सभी अधिकारी भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) के अधीन आ जाते हैं. इलेक्शन कमीशन के आदेश पर ही काम करते हैं.

आदर्श आचार संहिता का असर

  • नयी घोषणाओं पर रोक : राज्य सरकार किसी भी नयी योजना, वित्तीय लाभ या उद्घाटन की घोषणा नहीं कर पायेगी.
  • प्रशासनिक नियंत्रण : पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले और तैनाती का सीधा नियंत्रण चुनाव आयोग के पास चला जायेगा.
  • राजनीतिक विज्ञापन : सरकारी खर्च पर होने वाले विज्ञापनों और होर्डिंग्स को तुरंत हटा दिया जायेगा.

सुरक्षा के कड़े इंतजाम : 480 कंपनियां तैनात

पश्चिम बंगाल में हिंसा मुक्त चुनाव सुनिश्चित करने के लिए इलेक्शन कमीशन ने पहले ही 480 कंपनियां (CAPF) बंगाल भेज दी हैं. चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार ने अपने कोलकाता दौरे में स्पष्ट कर दिया कि कानून का राज बिना किसी डर या पक्षपात के लागू होगा. उत्तर 24 परगना, मुर्शिदाबाद और दक्षिण 24 परगना जैसे संवेदनशील जिलों में सुरक्षा बलों की सर्वाधिक तैनाती की गयी है.

60 लाख वोटर्स पर ‘सस्पेंस’

वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद करीब 60 लाख मतदाता अभी न्यायिक जांच (Under Adjudication) के दायरे में हैं. हालांकि, आयोग ने भरोसा दिया है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम नहीं काटा जायेगा. न्यायिक प्रक्रिया के बाद सप्लीमेंट्री लिस्ट जारी की जायेगी.

West Bengal Assembly Elections 2026: प्रमुख जानकारियां

कुल विधानसभा सीटें294
बहुमत का आंकड़ा148
वोटिंग का समयअप्रैल-मई 2026 (संभावित)
सुरक्षाकेंद्रीय बलों का रूट मार्च 14 मार्च तक पूरा करने का निर्देश

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