भारत की संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च – मनोज चौधरी
सरायकेला: सरायकेला राजकीय छऊ नृत्य कलाकेंद्र में गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर गुरु वंदन कार्यक्रम हर्षोल्लास से मनाया गया गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर सरायकेला छऊ आर्टिस्ट एसोसिएशन के कलाकारों द्वारा पूज्य छऊ गुरुजनों एवं शिक्षाविदों का पुजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया और उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट की।

मौके पर आर्टिस्ट एसोसिएशन के संरक्षक मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि भारत की संस्कृति में पूर्व का स्थान सबसे ऊंचा रहा है। पुरातन दोहा में वर्णित है कि गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागू पाय ।बलिहारी गुरु आपनो, जिन गोविंद दियो बताया दोहे के रूप में परमात्मा ने भी गुरु को प्रथम वंदन करना बताया है। आर्टिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष भोला महांती ने कहा कि गुरु भारतीय संस्कृति में हमेशा से पूजनीय रहे हैं, वे हमें अज्ञान के अंधकार से निकालकर ज्ञान और प्रकाश के मार्ग की ओर ले जाते हैं।

सचिव सुदीप कवी ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि बिना गुरु के जीवन में सफलता मिलना मुश्किल है। गुरु अंधकार से प्रकाश की और ले जाते हैं। इस दौरान संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से पुरस्कृत गुरु विजेंद्र पटनायक गुरु तरुण भोल गुरु संतोष कुमार कर (काशी) शुशील कुमार आचार्य गुरु आशिष कुमार कर को सम्मानित किया गया। गुरु आध्यात्मिक मार्गदर्शन के प्रेरणास्रोत हैं। मौके में आर्टिस्ट एसोसिएशन के संरक्षक मनोज कुमार चौधरी अध्यक्ष भोला महांती राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र के समन्वयक सह आर्टिस्ट एसोसिएशन के सचिव सुदीप कवि उत्कल युवा एकता मंच के रूपेश साहू नीरज पटनायक गजेंद्र मोहंती विजय दोरोगा शिवनाथ मिश्रा पंकज साहू राकेश कवि एवं काफी संख्या में कलाकार मौजूद थे।
