गुरुकुल ने बढ़ते कदम एक प्रयास विशेष कार्यक्रम के तहत छात्र-छात्राओं के बीच पाठ्य सामग्री का किया वितरण
गुरुकुल ने बढ़ते कदम एक प्रयास विशेष कार्यक्रम के तहत छात्र-छात्राओं के बीच किताब-कापी के साथ अन्य पाठ्य सामग्री का वितरण किया गया इस अवसर पर गुरुकुल के निदेशक गजेंद्र नाथ चौहान ने कहा कि शिक्षा सबसे बड़ा हथियार है। शिक्षा के हथियार से सभी तरह की समस्याओं का मुकाबला किया जा सकता है।

शिक्षा के दान को सर्वोच्च दान भी कहते हैैं, क्योंकि शिक्षा से ही भविष्य संवरता है। हमारे समाज में ऐसा अनगिनत लोग मौजूद हैैं, जो नि:स्वार्थ भाव से आर्थिक और सामाजिक रूप से वंचित वर्ग के बच्चों को या तो पढ़ा रहे हैैं या फिर उनके पढऩे के लिए जरूरी चीजों का इंतजाम कर रहे हैैं। गुरुकुल के निदेशक ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार उन बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित करने का काम शुरू कर दिया। इतना ही नहीं यह बच्चे पढ़ लिख सकें, इसलिए उनके लिए कॉपी किताबों की व्यवस्था भी करते हैं। अगर कोई माता-पिता विरोध भी करते हैं तो उन्हें समझाते हैं।

वह कहते हैं कि कोई काम शुरू करें तो शुरुआत में कुछ कठिनाई तो सामने आती है, लेकिन यदि उद्देश्य अच्छा है तो काम रुक नहीं सकता। सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर वह बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित करते हैं।उनका कहना है कि युवाओं को इस तरह के काम में आगे आकर हाथ बंटाना चाहिए। अगर अपनी पॉकेट मनी बचाकर इन बच्चों के लिए काम करते हैं तो उनका भविष्य अच्छा बन सकता है।
