February 26, 2024

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हाथी के कान खड़े हों और सूड़ ऊपर उठाकर आवाज दे तो समझ जाएं हमला होगा! जानिए कैसे करें बचाव?

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रांची: झारखंड में इस साल के पहले दो महीने में ही जंगली हाथियों के हमले में अब तक 24 लोगों की जान चली गई है। वहीं जंगली हाथियों का झुंड लगातार आबादी वाले क्षेत्रों में घूम रहा है। ऐसे में ग्रामीणों के बीच दहशत का माहौल है। रांची और लोहरदगा के सीमावर्ती क्षेत्र में जंगली हाथी ने तीन दिनों में 10 लोगों की जान ले ली। वन विभाग की ओर से आशंका जताई जा रही है कि झुंड से बिछड़ा नौजवान हाथी हमलावर हो गया है। वन विभाग की ओर से इस हाथी से निपटने के लिए पश्चिम बंगाल की एक विशेषज्ञ मदद लेने का निर्णय लिया है। वन विभाग की ओर से एक समिति भी बनाई गई है। रांची डीएफओ की अध्यक्षता में बनी चार सदस्यीय समिति मामले में छानबीन करेगी। जांच समिति पता लगाने की कोशिश करेगी कि क्या एक ही हाथी ने हाल में 16 लोगों को मारा है? अगर समिति ये प्रमाणित करती है, तो एक या दो उस हाथी के संबंध में कठोर फैसला लिया जा सकता है। समिति इस बात भी जांच करेगी कि क्या हाथी जानबूझकर लोगों का मार रहा है या लोगों के हमले से वह आक्रमक हो गया है।

जंगली हाथियों के हमलावर होने का संकेत समझिए

जंगली हाथी अगर गुस्से में है और हमला करने वाले हैं, तो इसके वे कई तरह के संकेत देते हैं। इस संकेत को समझने से बचाव हो सकता है। हाथी अगर कान खड़े कर सूड़ ऊपर उठाकर आवाज दे तो समझ जाएं कि वह हमला करने आ रहे हैं। वहीं जंगली हाथी अपना सूड़ झटक रहा हो या पैर को फुलाता है, तब भी समझ जाएं कि वो गुस्से में है तत्काल उससे दूर हो जाएं।

हाथियों के हमले से खुद कैसे बचाएं

जंगली हाथियों से बचाव को लेकर लोगों को समझदारी दिखाने की जरूरत है। भीड़ लगाकर हाथियों को खदेड़ने का प्रयास जानलेवा साबित हो सकता है। जानकार बताते हैं कि घरों और खंभों पर तेज रोशनी वाले बल्ब जलाएं। रोशनी वाले क्षेत्र में हाथी कम आते हैं। हाथियों के सूंघने की शक्ति प्रबल होती है, इसलिए हाथी को भगाने के क्रम में हवा की दिशा का ध्यान रखें। हवा की दिशा में अगर हाथी हो तो मिर्च का मशाल जलाकर तत्काल धुंआ करें। इसके अलावा मिर्च लपेटी रस्सी के साथ-साथ गोबर में भी मिर्च पाउडर मिलाकर सूखा कर रख लें। हाथी के आने पर घर के आंगन या बाहर उसे जला देने से उसके नुकसान से बचा जा सकता है।

लाल मिर्च के पाउडर को जले हुए मोबिल या ग्रीस में अच्छी तरह मिलाकर उसे मोटी रस्सी में लपेटें। ग्रीस लगी रस्सी को अनाज रखने वाले भंडार के चारों ओर लपेटें या हाथी के प्रवेश की दिशा में बांध दें। रस्सी के साथ सफेद या लाल कपड़े की पट्टी बांधकर लटका दें, क्योंकि हाथी लाल और सफेद रंग को नापंसद करते हैं। जंगली हाथी अगर पीछा करना शुरू कर दें तो सीधी दिशा में न भागे, बल्कि मुड़-मुड़ कर दौड़ना बेहतर होगा। हालांकि के दौड़ने की अधिकतम स्पीड 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे है, जबकि मानव की अधिकतम स्पीड 37 किलोमीटर प्रति घंटे है।

झारखंड में इस साल 24 लोगों को कुचला

राज्य में इस साल जनवरी और फरवरी महीने में जंगली हाथियों के हमले में अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है। 1 जनवरी को गुमला में जंगली हाथियों ने एक ग्रामीण को कुचल डाला। फिर 9 और 10 जनवरी को भी गुलमा में ही तीन लोगां को रौंदकर मार डाला। 16, 17 और 19 जनवरी को लातेहार के विभिन्न हिस्सों में तीन लोगों की जान गई। 27 जनवरी को गुमला में 1, 29 जनवरी को बोकारो में 1 और 8 फरवरी को हजारीबाग में तीन की जान गई। 9 फरवरी को सिमडेगा में 1, 19 फरवरी को जामताड़ा में 1, 19 फरवरी को लोहरदगा और लातेहार में 1-1 ग्रामीण की मौत हुई। 20 फरवरी को लोहरदगा में 4 और 21 फरवरी को रांची में 4 लोगों को कुचल कर मार डाला।

14 सालों में 999 लोगों को हाथी ने कुचला

साल 2009-10 से लेकर अब तक राज्य में जंगली हाथियों ने 999 लोगों को कुचल कर मार डाला है। एक रिपोर्ट के अनुसार हाल के छह साल में मौत का आंकड़ा बढ़ा है। जंगली हाथियों के हमले में 2009-10 में 54 लोगो ंकी मौत हुई। जबकि 2010-11 में 69, 2011-12 में 62, 2012-13 में 60, 2013-14 में 56 और 2014-15 में 53 की मौत हुई। साल 2015-16 में 66, 2016-17 में 59, 2017-18 में 84, 2018-19 में 87 और 2019-20 में 84 लोगों की मौत हुई। साल 2020-21 में 97, 2021-22 में 83 और 2022-23 में 80 लोगों की मौत हो चुकी है।

हाथी के डर से पहली बार धारा 144 लागू

गुस्साए गजराज की दहशत ऐसी है कि रांची जिला प्रशासन ने इटकी प्रखंड क्षेत्र में धारा 144 लगा दी है। यह पहला मौका है, जब हाथी से सुरक्षा के प्रशासन ने निषेधाज्ञा लगाई है। प्रशासन इस प्रयास में है कि हाथी शहरी क्षेत्र में प्रवेश न करें और जंगल की ओर चला जाए।

Ranchi: So far 24 people have lost their lives in the attack of wild elephants in Jharkhand in the first two months of this year. At the same time, herds of wild elephants are continuously roaming in the populated areas. In such a situation, there is an atmosphere of panic among the villagers. The wild elephant killed 10 people in three days in the border areas of Ranchi and Lohardaga. It is feared by the Forest Department that the young elephant separated from the herd has become an attacker. The Forest Department has decided to take the help of an expert from West Bengal to deal with this elephant. A committee has also been formed by the Forest Department. A four-member committee headed by Ranchi DFO will investigate the matter. The probe committee will try to find out whether a single elephant killed 16 people recently? If the committee certifies this, then a strict decision can be taken regarding one or two of those elephants. The committee will also probe whether the elephant is deliberately killing people or has become aggressive due to attacks by people.

Understand the signs of wild elephants attacking

If wild elephants are angry and about to attack, then they give many signs of this. Understanding this sign can be saved. If an elephant makes a sound by raising its trunk with its ears raised, then understand that it is coming to attack. While the wild elephant is shaking its trunk or inflating its feet, even then understand that it is angry and immediately move away from it.

how to protect yourself from elephant attack

There is a need to sensitize people about the protection of wild elephants. Attempts to drive away elephants by crowding can prove to be fatal. Experts tell that light bulbs with bright light should be lit on houses and pillars. Elephants come less in the lighted area. Elephants have a strong sense of smell, so keep in mind the direction of the wind in order to chase away the elephant. If there is an elephant in the direction of the wind, then light a chilli torch and smoke it immediately. Apart from this, along with the rope wrapped in chili, mix chili powder in cow dung and keep it dry. On the arrival of elephant, its loss can be avoided by burning it in the courtyard or outside of the house.

Mix red chili powder thoroughly in burnt mobil or grease and wrap it in a thick rope. grease the rope

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