Categories

September 16, 2026

INDIA FIRST NEWS

Satya ke saath !! sadev !!

जमशेदपुर : जैम स्ट्रीट में पहुंची “संविधान यात्रा”, लोगों ने संविधान की राह पर चलने का लिया संकल्प

6 दिवसीय संविधान यात्रा का हुआ समापन

संविधान के मूल्यों को लेकर लगी पोस्टर प्रदर्शनी

लगी Contitution Tree और लगा Signature board

26 नवंबर को संविधान दिवस के उपलक्ष्य में इस दिवस को मनाने और संवैधानिक मूल्यों और वैज्ञानिक सोच के प्रसार के लिए छह दिवसीय विशेष अभियान के तहत आज 26 नवंबर, संविधान दिवस पर जमशेदपुर के बिष्टुपुर में टाटा स्टील द्वारा आयोजित ‘जैम स्ट्रीट’ में संविधान यात्रा का समापन किया गया. इस दौरान बड़ी संख्या में बच्चे, बुज़ुर्ग और ख़ास तौर पर युवाओं ने शिरकत की और जैम स्ट्रीट के विभिन्न इवेंट्स का लुत्फ़ उठाते हुए संविधान दिवस को मनाया.


आरम्भ युवा मंच, जमशेदपुर, द टिस्को टेक्निकल प्रोबेटिशनर्स एसोसिएशन की अगुआई में भारतीय जन नाट्य संघ (IPTA), साइंस फॉर सोसायटी एवं गांधी शान्ति प्रतिष्ठान के सहयोग से चली संविधान यात्रा के तहत पिछले 21 नवंबर को पोटका प्रखंड क्षेत्र के बड़ा सिगदी गांव स्थित पर्यावरण चेतना केन्द्र में केन्द्र के संस्थापक सिद्धेश्वर सरदार के सहयोग कार्यक्रम हुआ. इसके बाद बाद 22 नवंबर को पूर्वी सिंहभूम ज़िले के ही पटमदा इंटर कॉलेज में पहुंची यह यात्रा, जहां विद्यार्थियों के साथ-साथ प्राचार्य डॉ. तरुण कुमार महतो के नेतृत्व में तमाम प्राध्यापकों व कर्मियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. 23 नवंबर को सरायकेला-खरसवां ज़िले के गम्हरिया स्थित अरका जैन यूनिवर्सिटी परिसर में यह यात्रा पहुंची, जहां तमाम क्रिया-कलाप हुए और सभी ने इस पहल की सराहना. 24 नवंबर की XITE कॉलेज में कार्यक्रम हुआ, जहां ख़ास तौर पर वरिष्ठ पत्रकार व प्रतिष्ठित स्थानीय हिन्दी दैनिक के संपादक संजय मिश्रा ने शिरकत और संविधान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए संविधान यात्रा की सराहना की. 25 नवम्बर को काशी साहू कॉलेज, सरायकेला में यात्रा के पहुँचने पर एक विशेष समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें कोल्हान विश्वविद्यालय के कुल सचिव डॉ. राजेन्द्र भारती मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए. उन्होंने संवैधानिक मूल्यों को जीवन में आत्मसात करने की आवश्यकता पर बल दिया.
संविधान यात्रा 2023 का समापन आज 26 नवंबर को जमशेदपुर में आयोजित जैम स्ट्रीट के दौरान लोगों में संविधान के प्रति अभिरुचि जगाने के अपने प्रयासों के साथ हुआ. इसके आयोजन में सक्रिय रूप से अंकुर शाश्वत, विकास कुमार, अंकित, नीलेश और शशांक ने अपनी भागीदारीनिभाई और अंतिम दो दिन SRUTI, दिल्ली से आए कमल चन्द्र ने अपनी गरिमामयी मौजूदगी दर्ज़ कराई और सबका हौसला बढ़ाया. संविधान यात्रा की अपार सफलता पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अंकुर और विकास ने कहा कि बड़ा अच्छा लगा, कि सभी जगहों पर लोगों का सहयोग और समर्थन मिला. इससे उनमें नई ऊर्जा का संचार हुआ है. आने वाले समय में इस अभियान को और भी सघन रूप दिए जाने का प्रयास किया जाएगा. उन्होंने इस अभियान का प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से सहयोग करने वाले संगठनों और लोगों का आभार व्यक्त किया.

संविधान यात्रा में हुई गतिविधियां

घुमंतू पस्त्कालय और संविधान ट्री
लोगों ने स्टॉल पर लगी विभिन्न पुस्तकों की देखा और अध्ययन किया। इस दौरान पोस्टर प्रदर्शनी का सभी ने अवलोकन किया। कार्यक्रम में संविधान ट्री लगाया गया था, जिस पर लोगों ने अपने विचार पत्ते के रूप में डाला। संविधान की प्रस्तावना की प्रति टीचर्स को बांटी गई। “हम भारत के लोग” और “We the people of India” अंकित बैज भी सबको दिए गए।
हस्ताक्षर पट एवं पोस्टर प्रदर्शनी

परिसर में विभिन्न विषयों को लेकर पोस्टर लगाए गए, जिनमे देश के ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, विज्ञान, संवैधानिक अधिकारों को दर्शाते पोस्टर्स लगाए गए, जिनका अवलोकन संस्थान के फैकल्टी और स्टूडेंट्स ने किया। इस दौरान ख़ास तौर पर हस्ताक्षर पट भी लगाया गया, जिसमें भारत के संविधान को मानने की प्रतिज्ञा करते हुए लोगों ने अपने हस्ताक्षर किए।

यात्रा का उद्देश्य

इस यात्रा का उद्देश्य समाज में विज्ञान और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने और अवैज्ञानिक मान्यताओं, अंधविश्वास, रूढ़िवादी परंपराओं आदि से मुक्ति पाने के लिए जन-जन में चेतना जगाना है।

पहल और सहयोग

आरंभ युवा मंच, जमशेदपुर और द टिस्को टेक्निकल प्रोबेटिशनर्स एसोसिएशन की अगुआई में निकाली जा रही इस यात्रा में सहयोगी की भूमिका में हैं- भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा), सांइस फॉर सोसायटी झारखंड , गांधी शांति प्रतिष्ठान ।

यात्रा के अंतर्गत कार्यक्रम

घूमंतु पुस्तकालय
इसमें हम संविधान और विज्ञान की किताबें, महान व्यक्तियों की जीवनी, बच्चों की कहानियां, कविताएं, आदिवासी इतिहास और आदिवासी नायकों के योगदान से जुड़ी पुस्तकें लेकर जा रहे हैं। बच्चों से इन पुस्तकों की सामग्री पर चर्चा भी की गई।

मोबाइल सिनेमा
भारत के संविधान बनने की प्रक्रिया एवं हमारे मौलिक अधिकारों से जुड़ी फिल्मों का प्रदर्शन किया गया । इसके अलावा बच्चों और युवाओं में वैज्ञानिक सोच लैस करने वाली विज्ञान एवं मुद्दे आधारित फिल्मों का भी चित्रण हुआ।

पोस्टर प्रदर्शनी
इसमें हम संविधान की प्रस्तावना, मौलिक हक और कर्तव्य, पांचवीं अनुसूची और पेसा आदि से जुड़े पोस्टर लगाएंगे। इसके अलावा हम विज्ञान और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए पोस्टर भी प्रदर्शित किए गए।

संवैधानिक संवाद सत्र
इसमें भारत के संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ और उसमें निहित शब्दों और अर्थों पर बच्चों से बातचीत की गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *