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August 18, 2026

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JPSC परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा: ओएमआर शीट में हेरफेर कर पीटी पास करने वाला अभ्यर्थी सुमन सौरभ गिरफ्तार, सीआईडी का खुलासा

रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID) को बड़ी सफलता मिली है। सीआईडी ने हजारीबाग पुलिस के सहयोग से फर्जीवाड़े के आरोपी अभ्यर्थी सुमन सौरभ को धर दबोचा है। पूछताछ की प्रक्रिया पूरी होने के बाद गुरुवार को आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

जांच में सामने आया है कि संयुक्त असैनिक सेवा प्रारंभिक परीक्षा में सुमन सौरभ ने अनुचित साधनों और सांठगांठ का सहारा लिया था। सीआईडी की पड़ताल के दौरान आरोपी के पास से उसकी ओएमआर (OMR) शीट की कार्बन कॉपी भी बरामद नहीं हुई। कड़ाई से की गई पूछताछ में अभ्यर्थी ने स्वीकार किया कि उसने परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए फर्जी तरीका अपनाया था।

सीआईडी अधिकारियों के अनुसार मामले की विस्तृत जांच जारी है और प्राप्त सबूतों के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, जांच एजेंसी ने आयोग की परीक्षा उप नियंत्रक श्वेता कुमार गुप्ता सहित पूर्व में गिरफ्तार पांच आरोपियों की रिमांड अवधि दो दिनों के लिए बढ़वा ली है। मामले में जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते से भी दोबारा पूछताछ की गई है और आयोग के कार्यालय से कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज तलब किए गए हैं। सीआईडी यह भी जांच कर रही है कि क्या परीक्षा कराने वाली एजेंसी (TDPL) ने निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) में कोई बदलाव किया था।

OMR शीट में बाद में सही उत्तर भरकर पास कराने का खेल

सीआईडी सूत्रों के मुताबिक, अब तक की तफ्तीश में प्रश्नपत्र लीक होने का मामला सामने नहीं आया है। इसके बजाय धांधली का तरीका पूरी तरह अलग था। परीक्षा समाप्त होने के बाद ओएमआर शीट में खाली छोड़े गए गोलों को सही उत्तरों से भरकर अभ्यर्थियों को पास कराया जाता था।

सेटिंग कराने वाले गृहों का निर्देश रहता था कि अभ्यर्थी केवल उन्हीं प्रश्नों को हल करें जिनका उत्तर उन्हें शत-प्रतिशत पता हो और बाकी उत्तरों को पूरी तरह खाली छोड़ दें। इसके साथ ही, ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी भी केंद्र पर ही छोड़ देने को कहा जाता था। परीक्षा खत्म होने के बाद खाली स्थानों में सही विकल्प भरकर अभ्यर्थियों को मनचाहा स्कोर दिला दिया जाता था। सीआईडी का मानना है कि जिन अभ्यर्थियों के पास ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी उपलब्ध नहीं है, वे सभी जांच की जद में आ सकते हैं।

सौरभ ने OMR शीट में 48 ही उत्तर घेरे थे फिर भी हुआ चयन

यह पूरा मामला तब तूल पकड़ा जब 14वीं जेपीएससी पीटी का परिणाम जारी होने के बाद सोशल मीडिया पर एक ओएमआर शीट तेजी से वायरल हुई। इस ओएमआर शीट में 100 प्रश्नों में से केवल 48 प्रश्नों के उत्तर ही भरे गए थे, लेकिन इसके बावजूद उक्त अभ्यर्थी का चयन पीटी में हो गया था। जांच के दौरान स्पष्ट हुआ कि यह वायरल ओएमआर शीट बड़कागांव निवासी सुमन सौरभ की ही थी, जिसके आधार पर अब सीआईडी ने उसकी गिरफ्तारी की है।

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