ब्लैक लिस्टेड एजेंसी ले रही थी JPSC की परीक्षाएं, CID के छापे के बीच चेयरमैन ने दिया इस्तीफा
JPSC CID Raid News: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा आयोजित सिविल सेवा व अन्य प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में अनियमितता की शिकायतों के बाद अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने आयोग के दफ्तर समेत कुल सात स्थानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस कार्रवाई की जद में उप-परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता, आयोग के अन्य कर्मचारी और आउटसोर्सिंग का काम देख रही एजेंसी ‘टीडीपीएल’ (टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड) के ठिकाने आए हैं। बताया जा रहा है कि इस एजेंसी के संचालन की कमान निदेशक सतपाल सिंह और रणवीर सिंह के हाथों में है।
मुख्यमंत्री के पास पहुंच रही थी परीक्षाओं में गड़बड़ी की शिकायत
राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के समक्ष जेपीएससी परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ियों को लेकर लगातार शिकायतें दर्ज कराई जा रही थीं। आयोग के ही एक सदस्य और कुछ अन्य लोगों ने इन धांधलियों की ओर ध्यान आकर्षित कराया था। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सीआइडी और रांची पुलिस की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई की। फिलहाल, जांच टीम जेपीएससी और टीडीपीएल से जुड़े आठ कर्मियों को हिरासत में लेकर गहनता से पूछताछ कर रही है।
JSSC ने टीडीपीएल कंपनी को काली सूची में डाला था
परीक्षाओं में हुई धांधली के कारण झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने 20 मई 2025 को ही टीडीपीएल कंपनी को ब्लैकलिस्ट (काली सूची में शामिल) कर दिया था। इसके बावजूद, यह विवादित एजेंसी जेपीएससी में न केवल परीक्षाएं आयोजित करा रही थी, बल्कि परीक्षा से जुड़े सभी आठों अतिसंवेदनशील कार्यों की जिम्मेदारी भी संभाल रही थी। उल्लेखनीय है कि पूर्व में आयोग द्वारा परीक्षाओं की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अलग-अलग कार्यों का जिम्मा भिन्न-भिन्न एजेंसियों को सौंपा जाता था।
जेपीएससी अध्यक्ष ने दिया इस्तीफा
एक तरफ सीआइडी की दबिश जारी थी, तो दूसरी तरफ जेपीएससी अध्यक्ष एल खिंयांग्ते ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा राजभवन (राज्यपाल) को प्रेषित किया है, हालांकि राजभवन की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। 1988 बैच के पूर्व आईएएस अधिकारी एल खिंयांग्ते ने राज्य के मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त होने के बाद 27 फरवरी 2025 को जेपीएससी अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया था। सूत्रों के अनुसार, आयोग के भीतर चल रही गतिविधियों की भनक केवल अध्यक्ष एल खिंयांग्ते और उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता तक ही सीमित रहती थी।
सबूतों को खंगाल रही टीम
कार्रवाई के दौरान जांच दल ने आयोग और एजेंसी के ठिकानों से महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, कंप्यूटर और हार्ड डिस्क जब्त किए हैं। सीआइडी के अधिकारी इन बरामद सबूतों और डिजिटल डेटा की बारीकी से जांच-पड़ताल कर रहे हैं। राज्य सरकार को मिली ठोस शिकायतों के बाद शुरू हुई इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे और अभ्यर्थियों के बीच हड़कंप मच गया है।
