जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा विवाद: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का कड़ा रुख, बोले– ‘निष्पक्ष जांच के लिए अफसरों को दी पूरी छूट, आज छात्रों से होगी बातचीत’
रांची: झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर हेमंत सोरेन सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की चिंताओं का न्यायसंगत और स्थायी समाधान निकाला जाएगा। विधानसभा परिसर में हुई सर्वदलीय बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के द्वार सभी के लिए खुले हैं और छात्र प्रतिनिधि अपनी मांगों को लेकर सीधे वार्ता कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मामले की जांच कर रही एजेंसियां मुस्तैदी से जुटी हुई हैं, जिसके तहत कई गिरफ्तारियां भी हो चुकी हैं। इसके अलावा सत्ता पक्ष की विधायक दल की बैठक में भी सीएम ने अपना कड़ा रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सरकार हर पहलू की गहराई से पड़ताल करा रही है।
जांचकर्ताओं को पूरी छूट : सीएम
एटीआई में आयोजित सत्ता पक्ष के विधायकों की बैठक में जेपीएससी-जेएसएससी मामले और राज्यभर में चल रहे छात्र आंदोलन पर विस्तृत चर्चा हुई। विधायकों ने कहा कि सरकार ने मामले में तुरंत संज्ञान लेते हुए सीआईडी जांच के निर्देश दिए थे, जिससे कई अहम जानकारियां सामने आ रही हैं।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जांच अधिकारियों को पूरी छूट देते हुए कहा कि यदि निष्पक्ष जांच की आंच सीएम आवास तक भी पहुंचती है, तो भी अफसर बिना किसी झिझक के अपनी कार्रवाई करें। इस दौरान सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अभ्यर्थियों से संवाद स्थापित करने के लिए सत्ताधारी गठबंधन (इंडिया ब्लॉक) का एक प्रतिनिधिमंडल बनाया जाएगा, जो छात्रों से सीधा वार्तालाप करेगा।
छात्रों और सरकार के बीच आज वार्ता
विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और गड़बड़ी के विरोध में आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के साथ बातचीत के लिए सरकार ने पहल की है। सरकार की मंशा छात्रों के मुद्दों को सुनकर एक सर्वमान्य और ठोस समाधान निकालने की है, जिसके लिए आज छात्र प्रतिनिधियों और सरकारी प्रतिनिधिमंडल के बीच वार्ता तय की गई है।
