अवैध अफीम की खेती के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत कोल्हान प्रमंडल स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न, आयुक्त ने 15 फरवरी तक अवैध अफीम की खेती को समाप्त करने का दिया निर्देश
खरसावां : झारखंड सरकार के निर्देश पर पूरे राज्य में अवैध अफीम की खेती के विनष्टीकरण एवं रोकथाम हेतु चलाए जा रहे अभियान के तहत सोमवार को कोल्हान प्रमंडल स्तरीय समीक्षा बैठक आईबी भवन में संपन्न हुई। करीब 2 घंटे चले इस मैराथन बैठक की अध्यक्षता प्रमंडलीय आयुक्त हरि कुमार केसरी ने की। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत के क्रम में प्रमंडलीय आयुक्त हरि कुमार केसरी ने बताया कि दोनों जिले में अवैध अफीम की खेती को लेकर किया जा रहा कार्य संतोष जनक है। इसमें और तेजी लाने की जरूरत है। इसको लेकर संबंधित विभागों के पदाधिकारी को दिशा निर्देश दी गई है।

उन्होंने बताया कि दोनों जिलों में अब तक 50% से अधिक अवैध अफीम की खेती के विरुद्ध सफलता हासिल हो चुकी है। 15 फरवरी तक का लक्ष्य निर्धारित किया गया है ताकि दोनों जिले में हो रही अवैध अफीम की खेती को पूर्ण रूप से समाप्त किया जा सके। वहीं जोनल आईजी अखिलेश झा ने भी दोनों जिलों में अवैध अफीम की खेती को लेकर चलाए जा रहे हैं अभियान पर संतुष्टि जताई। उन्होंने कहा कि दोनों जिलों के एसपी , डीएसपी सहित तमाम पुलिस एवं प्रशासनिक पदाधिकारियों को 15 फरवरी तक संबंधित थाना क्षेत्र से अवैध अफीम की खेती को समाप्त करने का निर्देश दिया गया है।

उसके बाद भी यदि कहीं से भी अवैध अफीम की खेती होने की सूचना प्राप्त होती है तो वैसे पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं आईजी ने अवैध अफीम की खेती से जुड़े कारोबारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यथाशीघ्र वो अफीम की खेती को छोड़ पारंपरिक खेती का रुख करें। पुलिस प्रशासन उन्हें पूरा सहयोग कर रही है। उन्होंने बताया कि अवैध खेती करते पकड़े जाने पर सख्त सजा का प्रावधान है। इससे बचने का प्रयास करें। उन्होंने बताया कि सरायकेला खरसावां जिले में एक फसली वर्ष मे 214 एकड़ जमीन में हो रहे अवैध अफीम की खेती को नष्ट किया गया है।

जबकि पश्चिमी सिंहभूम जिले में करीब 300 एकड़ जमीन में हो रहे अवैध अफीम की खेती को नष्ट किया गया है जो पिछले साल की तुलना में अधिक है। हालांकि अभी भी 50% जमीन पर अवैध अफीम की खेती हो रही है। जिसे चिन्हित कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया कि जिनके जमीन पर अफीम की खेती होने का प्रमाण मिलेगा उसके खिलाफ एफआईआर की जाएगी। वही वन विभाग के जमीन पर हो रही अफीम की खेती को लेकर उन्होंने बताया कि वैसे कारोबारियों को चिन्हित किया जा रहा है।

पश्चिम सिंहभूम जिले में दर्जनों तस्करो के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है। अब ड्रोन से निगरानी की जा रही है, जल्द ही दोनों जिले अवैध अफीम की खेती से मुक्ति हो जाएगा। बैठक में कोल्हान डीआईजी मनोज रतन चौथे, सरायकेला खरसावां जिला उपायुक्त रवि शंकर शुक्ला, चाईबासा उपायुक्त कुलदीप चौधरी, सरायकेला एसपी मुकेश कुमार लुनायत, चाईबासा एसपी आशुतोष शिखर, पीड़ा हाट डीएफओ नीतीश कुमार सहित दोनों जिलों के तमाम पुलिस प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद रहे।
