FIFA World Cup 2026: किलियन एम्बाप्पे ने फिर जमाया कब्जा, लगातार दूसरी बार अपने नाम किया गोल्डन बूट
फ्रांसीसी स्टार फॉरवर्ड किलियन एम्बाप्पे ने अपनी शानदार लय बरकरार रखते हुए फीफा विश्व कप 2026 का गोल्डन बूट पुरस्कार जीत लिया है। उन्होंने इस पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल दिखाते हुए 10 गोल दागे और 4 गोल करने में मदद (असिस्ट) की। इसके साथ ही उन्होंने लगातार दूसरे वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया। इससे पूर्व 2022 के विश्व कप में भी एम्बाप्पे ने ही यह अवॉर्ड हासिल किया था।
फाइनल मुकाबले के दौरान अर्जेंटीना के स्टार खिलाड़ी लियोनेल मेसी के पास एम्बाप्पे को पछाड़ने का अवसर था, लेकिन वे गोल अंतर में उनसे पीछे ही रह गए। मेसी ने इस विश्व कप में कुल 8 गोल किए और 4 असिस्ट प्रदान किए, जबकि इंग्लैंड के जुड बेलिंगहैन 7 गोलों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
गोल्डन बूट 2026: सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी
| खिलाड़ी | टीम | गोल | असिस्ट |
| किलियन एम्बाप्पे | फ्रांस | 10 | 4 |
| लियोनेल मेसी | अर्जेंटीना | 8 | 4 |
| जुड बेलिंगहैन | इंग्लैंड | 7 | 1 |
| एर्लिंग हालैंड | नॉर्वे | 6 | 2 |
| हैरी केन | इंग्लैंड | 6 | 1 |
मैच के दौरान एम्बाप्पे ने अपनी तेज गति, बेहतरीन फिनिशिंग तकनीक और बड़े मुकाबलों में दबाव झेलने की क्षमता से विरोधी टीमों के रक्षापंक्ति (डिफेंस) को बेबस कर दिया। 10 गोल के साथ इस टूर्नामेंट के शीर्ष स्कोरर बनने के बाद उन्होंने साबित कर दिया है कि वे आधुनिक फुटबॉल के सबसे घातक फॉरवर्ड में से एक हैं। लगातार दो फीफा विश्व कप में गोल्डन बूट का खिताब जीतकर एम्बाप्पे ने इतिहास में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा लिया है।
स्पेन ने हासिल किया 2026 का विश्व कप खिताब
न्यू जर्सी के न्यू जर्सी स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में स्पेन ने अर्जेंटीना को 1-0 से शिकस्त देकर 16 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद विश्व कप ट्रॉफी पर अपना कब्जा जमाया। निर्धारित 90 मिनट तथा 9 मिनट के इंजरी टाइम तक कोई भी टीम गोल करने में सफल नहीं हो सकी, जिसके चलते स्कोर 0-0 रहा और मैच एक्स्ट्रा टाइम में चला गया।
फेरन टॉरस के गोल से स्पेन बना चैंपियन
एक्स्ट्रा टाइम के 106वें मिनट में स्पेन के खिलाड़ी फेरन टॉरस ने एक अद्भुत गोल कर अपनी टीम को बढ़त दिला दी। यह गोल मैच का निर्णायक पल साबित हुआ और स्पेन ने 1-0 से ऐतिहािसक जीत दर्ज की। इस जीत से स्पेन 16 साल बाद पुनः विश्व विजेता बना, वहीं अर्जेंटीना का लगातार दूसरा खिताब जीतने का सपना अधूरा रह गया।
