नेपाल बाढ़ से भारी तबाही: अब तक 1344 लोगों की मौत, 5053 लापता; 32963 लोग प्रभावित
नेपाल में प्राकृतिक आपदा के बाद भयानक स्थिति बनी हुई है। देश के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) द्वारा साझा की गई नई रिपोर्ट के मुताबिक, इस जलप्रलय से अब तक 32,963 नागरिक प्रभावित हो चुके हैं। राहत कर्मियों ने जोखिम भरे इलाकों से करीब 13,095 लोगों को सुरक्षित निकाला है। प्रभावित क्षेत्रों में बचाव व सहायता अभियान लगातार जारी है।
26 अगस्त को नेपाल के उत्तरी और मध्यवर्ती इलाकों में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। आपदा के कारण जान-माल का बड़ा नुकसान हुआ है। अब तक 1294 लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि की जा चुकी है, जबकि 5053 नागरिक अभी भी गायब हैं। आपदा के प्रभाव में 32 हजार से अधिक लोग आए हैं और लगभग 7,570 मकान क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
कहां से कितने लोगों की हो चुकी है मौत
- कुल मौतों का आंकड़ा: 1,344
- रसुवा: 140
- नुवाकोट: 184
- धादिंग: 67
- गोरखा: 73
- तनहुं: 38
- नवलपरासी पूर्व: 221
- नवलपरासी पश्चिम: 212
- चितवन: 359 (मानव अंगों सहित)
- पहचान के बाद परिजनों को सौंपे गए शव: 96
- चोटिल/घायल लोग: 5,663
- लापता नागरिक: 5,053
- रेस्क्यू किए गए लोग: 13,095
7570 घरों को हुआ नुकसान
- आवासीय मकान: कुल 7,570 घर प्रभावित
- सरकारी इमारतें: कुल 48 (35 पूरी तरह तबाह, 13 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त)
- विभागीय विद्यालय: कुल 18 (11 पूरी तरह नष्ट, 7 आंशिक क्षतिग्रस्त)
- स्वास्थ्य केंद्र: कुल 7 (4 पूरी तरह ध्वस्त, 3 आंशिक क्षतिग्रस्त)
- सड़क मार्ग: 55 किलोमीटर मुख्य सड़कें पूरी तरह क्षतिग्रस्त
- पुल ढांचा: 37 मोटरेबल पुल (33 पूरी तरह ध्वस्त) और 68 सस्पेंशन (झूला) ब्रिज प्रभावित
26 अगस्त को आई थी विनाशकारी बाढ़
नेपाल-तिब्बत की सीमावर्ती पहाड़ियों के निकट 26 अगस्त को चट्टानों और बर्फ के बड़े टीले टूटने से भीषण हिमस्खलन हुआ। इसके चलते नदियों में अचानक आई फ्लैश फ्लड (बाढ़) ने उत्तर और मध्य नेपाल के कई शहरों, कस्बों और ग्रामीण बस्तियों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे व्यापक स्तर पर विनाश हुआ।


