फीफा वर्ल्ड कप 2026: ब्राजील को लगा बड़ा झटका, नेमार ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को कहा अलविदा
नेमार ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से लिया संन्यास ब्राजील के स्टार फुटबॉलर नेमार ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल जगत को अलविदा कह दिया है। फीफा विश्व कप 2026 से ब्राजील की राष्ट्रीय टीम के बाहर होने के फौरन बाद उन्होंने यह बड़ा फैसला लिया। टूर्नामेंट के राउंड ऑफ-16 के रोमांचक मुकाबले में नॉर्वे ने ब्राजील को 2-1 से शिकस्त दी, जिसके चलते ब्राजील का विश्व कप का सफर यहीं थम गया। मैच खत्म होने की घोषणा के साथ ही मैदान पर नेमार अपनी भावनाओं को रोक नहीं पाए और भावुक होकर रो पड़े, जहां टीम के अन्य खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ ने उन्हें ढांढस बंधाया।
मैच समाप्ति के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए नेमार ने स्पष्ट किया कि ब्राजील की जर्सी में उनका सफर अब समाप्त हो चुका है। उन्होंने भावुक मन से कहा कि देश के लिए वर्ल्ड कप की ट्रॉफी जीतना उनका सबसे बड़ा ख्वाब था, जो बदकिस्मती से पूरा नहीं हो सका। पिछले 16 वर्षों से ब्राजीलियाई टीम का हिस्सा रहे नेमार ने कहा कि उन्होंने हर मुकाबले में अपना शत-प्रतिशत देने का प्रयास किया और अब वक्त आ गया है कि युवा खिलाड़ी टीम की कमान संभालें। उनके इस फैसले के साथ ही ब्राजील के एक सुनहरे फुटबॉल युग का अंत हो गया।
नॉर्वे ने किया बड़ा उलटफेर खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही ब्राजील की टीम को इस मुकाबले में नॉर्वे के हाथों अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा। नॉर्वे के स्टार खिलाड़ी एरलिंग हालैंड ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए दो गोल दागे और अपनी टीम को इतिहास में पहली बार विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचा दिया। मैच के इंजरी टाइम में नेमार ने पेनल्टी के जरिए ब्राजील के लिए इकलौता गोल किया, लेकिन तब तक मैच ब्राजील के हाथों से निकल चुका था।
हार के बाद भावुक हुए नेमार इस करारी शिकस्त के बाद नेमार खुद को संभाल नहीं सके। उन्होंने कहा कि उन्होंने देश को विश्व चैंपियन बनाने के लिए अपनी तरफ से पूरी जान लगा दी थी, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। नेमार ने नम आंखों से कहा कि उन्होंने हर संभव कोशिश की, मगर अब उनका यह सफर यहीं थमता है। बयान देते वक्त वे बेहद उदास नजर आ रहे थे।
16 साल का शानदार इंटरनेशनल करियर नेमार ने साल 2010 में ब्राजील की सीनियर राष्ट्रीय टीम के लिए अपना पहला मैच खेला था। इसके बाद लगातार 16 सालों तक वे टीम के मुख्य स्तंभ बने रहे। उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में कुल 129 मैच खेले, जिसमें रिकॉर्ड 80 गोल दागकर वे ब्राजील के इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बने। इसके साथ ही उन्होंने अपनी टीम के लिए 58 से अधिक असिस्ट भी किए।
अधूरा रह गया विश्व कप का सपना ब्राजील को छठी बार विश्व कप का खिताब दिलाना नेमार का सबसे बड़ा लक्ष्य था, जो कभी सच नहीं हो पाया। उनके करियर में चोटों ने बार-बार बाधा डाली और 2026 का यह विश्व कप भी उनके लिए बेहद निराशाजनक रहा। साल 1990 के बाद यह पहली बार है जब ब्राजील की टीम विश्व कप के नॉकआउट स्टेज से इतनी जल्दी बाहर हुई है।
कोच कार्लो एंचेलोटी के सामने नई चुनौती नेमार के संन्यास की घोषणा के बाद अब ब्राजीलियाई फुटबॉल एक नए दौर की ओर बढ़ चला है। मुख्य कोच कार्लो एंचेलोटी के कंधों पर अब नेमार के बिना एक मजबूत और नई युवा टीम तैयार करने की एक बड़ी जिम्मेदारी होगी।
