राष्ट्रीय बालिका दिवस पर बाल आयोग, डीएलएसए और कला मंदिर के द्वारा महिला महाविद्यालय में कार्यक्रम आयोजित :-

चाईबासा :- राष्ट्रीय बालिका दिवस के उपलक्ष्य में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पश्चिमी सिंहभूम, राज्य बाल अधिकार सरंक्षण आयोग, महिला महाविद्यालय तथा कला मंदिर के संयुक्त तत्ववधान में विधिक जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा उन्हें समान अवसर की सुलभता तथा संविधान द्वारा प्रदत्त उनके अधिकारों पर विश्लेषणात्मक परिचर्चा कर उन्हें जागरूक करना था,उपरोक्त कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्राधिकार के सचिव राजीव कुमार सिंह ने छात्राओं को डालसा के द्वारा बच्चों, वृद्धजनो और महिलाओं को प्रदान की जा रही सुविधाओ की जानकारी दी, महिलाओ की स्थिति और उनके विकास सह सशक्तिकरण के लिऐ उन्हें प्रेरित किया उन्होंने बालिका दिवस के इतिहास और उद्देश्य के बारे में भी विशेष जानकारी प्रदान की।


बाल आयोग के सदस्य विकास दोदरजका ने बाल सरंक्षण की विभीन्न योजनाओ की जानकारी विद्यार्थियों को प्रदान करते हुए उन्हें सामाजिक गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होने किशोर न्याय अधिनियम और बच्चों से जुड़े अन्य कानूनो के बारे में जानकारी देते हुए उन्हें बाल हिंसा को समाप्त करने के लिए क़दम बढ़ाने को प्रेरित किया।एलएडीसी के चीफ सुरेंद्र प्रसाद ने भी अपने विचार रखे और छात्राओं के प्रश्नों का उत्तर भी दिया।

इससे पहले अपने स्वागत संबोधन में महिला महाविद्यालय की प्रधानाध्यापिका डा प्रीतीबाला सिन्हा ने छात्राओं को जीवन में सफलता के गुर बताए और उन्हें आत्मविश्वास के साथ समाज का सामना करने का मंत्र बताया, मंच का संचालन कला मंदिर के अजय मिश्रा ने किया। जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रोफेसर एम के हाशमी ने किया, कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बीएड विभाग की छात्राएं उपस्थित थी। कार्यक्रम को सफल बनाने में कला मंदिर की देवाश्री मिश्रा, सत्यजीत हातुई, काजल, आशीष, संजय कुमार निषाद, अर्पित सुमन टोप्पो, डा सुचिता बाड़ा और महिला महाविधालय की प्रधानाध्यापिका प्रीति बाला सिन्हा का महत्वपूर्ण सहयोग मिला।
On National Girl Child Day, programs organized by Children’s Commission, DLSA and Kala Mandir in Women’s College : –
