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June 17, 2024

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नवरात्र के छठे दिन “माँ दुर्गा” के छठे स्वरुप महामाया माँ कात्यायनी” की आराधना और पूजन की जाती है।

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महामाया माँ कात्यायनी-: छठा स्वरुप–

माँ कात्यायनी को, माँ दुर्गा के छठा स्वरुप में भी जाना जाता है। नवरात्री के छठे दिन माँ कात्यायनी की पुजा की जाती है। माँ कात्यायनी अपने भक्तगणों पर हमेंशा अपनी कृपा दृष्टि रखती है। अपने सच्चे भक्तगणों की वे हर मनोकामना पुरी करती है।

माँ कात्यायनी का जन्म मह्रर्षि कात्यायन के घर हुआ था। मह्रिषी कात्यायन के घोर तपस्या करके माँ दुर्गा को प्रसन्न किया था। उसके पश्चात् माँ दुर्गा से प्रसन्न होकर मह्रिषी को वरदान दिया कि, वे उनके यहाँ पुत्री का जन्म लिया। इस कारण उनका नाम कात्यायनी रखा गया।

उन्हें प्रसन्न करना कठिन नही है अगर आप उनकी सच्चे मन से पुजा अर्चना करते है तो वे आप हर कष्ट को दुर करेगी। घर में सुख शान्ति का आह्वान होता है। धन – सृध्दि की कभी कमी नही आती है। घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होगा। नकारात्मक ऊर्जा का आपसे दूर रखेगा।

माँ कात्यायनी की पूजन सामग्री—

नारियल, कलश, गंगाजल, कलावा, रोली, चावल, चुन्नी, शहद, अगरबत्ती, धुप, दीया और घी।

माँ कात्यायनी पूजन मंत्र—-

माँ कात्यायनी को प्रसन्न करने के लिए 3 से 4 पुष्प लेकर निम्नलिखित मंत्र का जाप 108 बार करना चाहिए, उसके बाद उन्हे पुष्प अर्पित करना चाहिए –

चंद्रहासोज्जवलकरा शार्दू लवर वाहना ।
कात्यायनी शुभं दघा देवी दानव घातिनि ।।

माँ कात्यायनी पुजा की पुजन विधि—

सुबह डालकर स्नान करके। उसके पश्चात् माँ कात्यायनी का मन में ध्यान करते रहें। उसके पश्चात् नारियल को कलश ऊपर रखें। फिर उस पर चुन्नी व कलावा लगायें। फिर उसकी पुजा करें। फिर माँ कात्यायनी को हल्दी व चावल का तिलक करें।तिलक के पश्चात् माँ कात्यायनी के सामने घी का दिया जलायें। माँ कात्यायनी को शहद अत्यंत प्रिय होता है ,इसलिए उन्हें शहद का भोग लगाने चाहिए।

पुजा समाप्त होने के पश्चात् सभी सदस्यों के हाथ में कलावा बांधे। माता आपकी सारे संकटो को हर लेगी और घर में सुख , शान्ति तथा समृद्धि लायेगी । माता सबकी मनोकामनाएं पुरी करेंगी ।

जय माता दी… जय मां शेरावाली

Mahamaya Maa Katyayani-: Sixth Form–

Maa Katyayani is also known as the sixth form of Maa Durga. Mother Katyayani is worshiped on the sixth day of Navratri. Maa Katyayani always showers her blessings on her devotees. She fulfills every wish of her true devotees.

Mother Katyayani was born in the house of Maharishi Katyayan. Maa Durga was pleased by the severe penance of Maharishi Katyayan. After that, being pleased with Maa Durga, she gave a boon to Maharishi that a daughter was born to her. For this reason she was named Katyayani.

It is not difficult to please her, if you worship her with a true heart, then she will remove all your troubles. There is an invitation for peace and happiness in the house. There is never any shortage of wealth and prosperity. Positive energy will enter the house. Will keep negative energy away from you.

Worship material of Maa Katyayani—

Coconut, kalash, gangajal, kalava, roli, rice, chunni, honey, incense sticks, incense, lamp and ghee.

Maa Katyayani worship mantra—-

To please Mother Katyayani, take 3 to 4 flowers and chant the following mantra 108 times, after that flowers should be offered to her –

Chandrahasojjvalkara Shardu lover vehicle.
Katyayani Shubham Dagha Devi demon Ghatini.

Worship method of Maa Katyayani Puja—

By putting it in the morning and taking a bath. After that, keep meditating on Maa Katyayani in your mind. After that place the coconut on top of the urn. Then apply chunni and kalava on it. Then worship him. Then apply Tilak of turmeric and rice to Maa Katyayani. After Tilak, light a ghee lamp in front of Maa Katyayani. Mother Katyayani loves honey very much, so she should be offered honey.

After the puja is over, tie Kalava in the hands of all the members. Mother will take away all your troubles and bring happiness, peace and prosperity in the house. Mother will fulfill everyone’s wishes.

Jai Mata Di… Jai Maa Sherawali

 

 

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