सिंदरी गायत्री ज्ञान मंदिर धनबाद में “सुपर 50” युवा शक्ति के निर्माण हेतु एक दिवसीय युवा सम्मेलन का आयोजन
सिंदरी गायत्री ज्ञान मंदिर धनबाद में “सुपर 50” युवा शक्ति के निर्माण हेतु एक दिवसीय युवा सम्मेलन का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सुपर 50 के अंतर्गत 50 सक्रिय युवा भाई बहनों की टीम जन्म शताब्दी वर्ष तक मिशन के विचार क्रांति अभियान को हर भोले भटके युवा तक पहुंच सके। जवानी को सही दिशा देकर व्यसन से छुड़ाकर नवसृजन में नियोजन हेतु शांतिकुंज यूथ सेल के प्रतिनिधि श्री नीरज महतो एवं प्रांतीय युवा प्रकोष्ठ झारखंड के यूथ मोटीवेटर श्री सुरेश कुमार यादव मुख्य अतिथि के रूप में मार्गदर्शन किया। वर्तमान चुनौतियां एवं उसके समाधान में युवा वर्ग का सक्रिय भागीदारी हेतु आवाहन किया गया। पर्यावरण संवर्धन व्यसन मुक्ति एवं संस्कार युक्त युवा, बाल संस्कारशाला, विचार क्रांति अभियान हेतु झोला पुस्तकालय के सफल संचालन हेतु सप्ताह में एक दिन सुपर 50 के रूप में योगदान हेतु प्रेरित किया गया।

ज्ञातव्य पिछले दो वर्षों पत्येक शनिवार को गायत्री ज्ञान मंदिर के युवा टीम के द्वारा युवा प्रतिनिधि श्री संदीप जी के नेतृत्व में सुपर 30 युवा समूह के द्वारा ट्री प्लांटेशन का कार्यक्रम किया जा रहा है। वन विभाग द्वारा लगाए गए वृक्षों में भी संरक्षण पानी आदि का कार्य बहुत ही शानदार तरीके से किया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया। केंद्रीय प्रतिनिधि एवं प्रांतीय प्रतिनिधि श्री नीरज महतो एवं सुरेश कुमार जी , बीआईटी सिंदरी के असिस्टेंट प्रोफेसर श्री नीरज यादव जी का मंत्र चादर तिलक लगाकर मुख्य प्रबंधक ट्रस्टी एवं युवा टीम के द्वारा स्वागत किया गया। इस कार्यक्रम में धनबाद जिले के सभी शाखा के सक्रिय युवा प्रतिनिधियों ने भागीदारी निभाई।

गायत्री जयंती के शुभ अवसर पर सुपर 50 के रूप में सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया गया है। इस कार्यक्रम में मुख्य प्रबंधक ट्रस्टी श्री रामप्रवेश जी, शाहजी सिंह जी,सिंदरी युवा प्रतिनिधि श्री संदीप जी, अनूप जी चंदन जी रोशन जी, श्री मधुरेंद्र सिंह जी नरेश भट्ट जी, उपजोंन युवा प्रतिनिधि श्री वीर जवाहर जी, विमल जी, विनोद जी ,महुदा गायत्री ज्ञान मंदिर के मुख्य ट्रस्टी श्री मनोहर महतो जी ने भी अपना विचार व्यक्त किया । कार्यक्रम की अध्यक्षता गायत्री शक्तिपीठ धनबाद के मुख्य प्रबंधक ट्रस्टी श्री विभूति शरण सिंह जी ने किया। वहीं संचालन बहन शालिनी यादव एवं सिमरन श्रीवास्तव ने किया।
