जमशेदपुर के लाइफ लाइन कहे जाने वाले सदर अस्पताल भी हो रहा अब अनियमितता का शिकार
जमशेदपुर, पूर्वी सिंहभूम जिले के लाइफ लाइन कहे जाने वाले सदर अस्पताल भी अब अनियमितता का शिकार हो गया है। जहां दूर दराज गांवों से बहुत सारे लोग इलाज करने आते हैं। कहा जाता था कि कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमजीएम अस्पताल से भी अच्छी व्यवस्था सदर अस्पताल की हो गई है। वहां पर सभी विभाग के डॉक्टर समय से पहुंचते थे और बड़े ही अनुशासित तरीके से वहां मरीजों का इलाज होता था। इलेक्ट्रॉनिक बोर्ड में लगे टोकन के अनुसार ही लोग अपना क्रम के अनुसार इलाज करवाते थे, लेकिन पिछले कुछ दिनों से कई ऐसे मामले आ रहे हैं, जिससे मरीजों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। यहां सभी लोग रक्त जांच मूत्र जांच एवं अन्य जांच करवाने के लिए सुबह से भूखे प्यासे कतार लगाकर खड़े रहते हैं। मगर 10:00 बजे भी मेडोल लैब नही खुलने के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

जमशेदपुर, डॉक्टर और लैब टेक्नीशियन अब अपने सही समय पर नहीं पहुंच रहे हैं। लंबी-लंबी कतारे लग रहे हैं। अस्पताल के जिम्मेदार पदाधिकारी कुछ बोलने से कतरा रहे हैं।

हालांकि ऐसा भी देखने में आया है की जो डॉक्टर, नर्स या अन्य कर्मचारी समय पर नहीं आते हैं, उसकी भी जांच समय-समय पर होते रहती है। लेकिन फिर भी पिछले कुछ दिनों से अनियमितता देखी जा रही है। अगर सही समय पर सदर अस्पताल की व्यवस्था को ठीक नहीं किया जाएगा, तो वह भी उन अस्पताल के समान ही बद से बदतर हो जाएगी।
