सरायकेला :मुरूप गांव में दीपावली के अवसर पर रावण दहन कार्यक्रम का हुआ आयोजन
“दीपावली त्यौहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है” – हेमसागर प्रधान


सरायकेला प्रखण्ड अंतर्गत मुरूप गांव के प्रधान टोला में दीपावली के अवसर पर “रावण दहन” कार्यक्रम का कल शाम को आयोजन हुआ। उक्त कार्यक्रम को सफल बनाने में मुरूप निवासी सुखदेव प्रधान का अहम भूमिका रहा। उन्होंने अपने खर्चे पर विशाल रावण का पुतला बनाकर अपने कला का प्रदर्शन किया जिसे लोग देखकर वाह वाह करने को विवश हो गए।

रावण के पुतले का दहन कार्यक्रम का शुरुआत स्थानीय समाजसेवी व एलआईसी के चीफ एडवाइजर हेमसागर प्रधान ने की और उन्होंने बताया कि दीपावली का त्योहार भगवान राम के अयोध्या में वापस आने की खुशी में मनाया जाता है। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और भगवान राम की विजय का जश्न मनाता है।

पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान राम ने 14 वर्षों का वनवास पूरा करने के बाद रावण को पराजित किया और अपनी पत्नी सीता को बचाया। इसके बाद वे अयोध्या लौटे और उनके स्वागत में लोगों ने दीये जलाए और आतिशबाजी की। यहां पर जैसे ही रावण के पुतले का दहन कार्यक्रम की शुरुआत हुई तो मौके पर उपस्थित सैकड़ो बच्चे व महिला पुरुषों को पुरुषोत्तम श्री राम की जय जयकार करते और आतिशबाजी कर राम की विजय का जश्न मनाते देखा गया।
