स्वरोजगार : देश के 4 शहरों में MBA, B.Tech वाले बेच रहे हैं चाय-समोसा, स्वाद ऐसा उंगलियां चाटते रह जात हैं लोग
नयी दिल्ली :देश में कुछ ऐसे स्ट्रीट फूड वाली जगह हैं, जिनका नाम सुन आप भी चौक जाएंगे। जानिए इन कैफे के बारे में, जहां के समोसे और पानीपूरी को टेस्ट कर सकते हैं।
आपने ज्यादातर शहरों या कस्बों में लोगों को या पूरे परिवार को कैफे या रोड किनारे छोटे-छोटे खाने के स्टॉल्स को चलाते हुए देखा होगा। कोई चाय के साथ समोसा बेच रहा होता है, तो कोई ब्रेड पकोड़ा, तो कोई छोले कुलचे, और इन्हीं लोगों की वजह से सस्ते में खाने वाले लोगों या बाहर रहकर कमाने वाले लोगों को पेट भरने में कितनी मदद मिलती है, ये शायद वही लोग जान सकते होंगे। और आजकल इन्हीं की वजह से स्ट्रीट फूड स्टॉल खोलने का चस्का लोगों में चढ़ा है।
आज हम आपको उन लोगों के स्ट्रीट फूड के बारे में बताने वाले हैं, जिन्होंने अपनी बड़ी-बड़ी नौकरी छोड़ पानीपूरी, चाय-समोसे की दुकानें खोल ली। जी हां, जानिए इन लोगों के रेस्तरां के बारे में, जहां का स्वाद आपको उंगलियां चाटने पर मजबूर कर देगा।
*बीटेक पानी पुरी वाली :*
बहुत से लोगों की बिजनेस खोलने की इच्छा होती है, इनमें से कुछ सपने कम उम्र में ही पूरे हो जाते हैं, तो कुछ को जन्मों लग जाते हैं। तापसी उपाध्याय, जिन्हें बीटेक पानी पुरी वाली के नाम से भी जाना जाता है, एक यंग बिजनेस वीमेन में से एक हैं। बीटेक की डिग्री हासिल करने के बाद उपाध्याय ने अपनी खुद की कंपनी शुरू की। वो अपने पानीपूरी स्टॉल के साथ एयर-फ्राइड पूरियां बनाती हैं। उनकी वेबसाइट के अनुसार वे लोगों को हेल्दी स्ट्रीट फूड का स्वाद चखाना चाहती हैं। उनका ये स्टॉल दिल्ली के जनकपुरी में लगता है।
*एमबीए चायवाला :*
अगर हम डिग्री वाले स्ट्रीट वेंडर्स की बात कर रहे हैं, तो इस लिस्ट में एमबीए चायवाला को कैसे मिस कर सकते हैं? मध्य प्रदेश के शहर धार के रहने वाले प्रफुल्ल बिल्लोरे ने 2017 में अहमदाबाद विश्वविद्यालय में एमबीए प्रोग्राम से रूचि खोने के बाद इस जगह को खोलने के बारे में सोचा। कई बिजनेसमैन नेताओं के बयानों और मोटिवेशनल पुस्तकों को पढ़ने से प्रेरित होने तक, उन्होंने चाय खोलने का फैसला किया। एमबीए चायवाला के ऑउटलेट आपको कुछ शहरों में आराम से देखने को मिल जाएंगे जैसे गुजरात, कोलकाता।
*बीटेक गोलगप्पे वाला :*
एमबीए चायवाला को टक्कर देने के लिए आपको बीटेक गोलगप्पे वाला भी दिख जाएगा। राकेश नाम के एक उद्यमी ने मधुबनी के बिहार क्षेत्र में अपनी बी.टेक पूरी करने के बाद पानी पुरी की स्थापना की। बता दें, कोविड-19 में व्यक्तिगत और वित्तीय परेशानियों की वजह से राकेश को बी.टेक प्रोग्राम को बीच में ही छोड़ना पड़ा। उस समय, उन्होंने अपनी एक खुद की कम्पनी शुरू की और आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने का निर्णय लिया। मानेसर, हरियाणा में, माने बस स्टॉप के करीब, आपको राकेश की बी.टेक गोलगप्पे वाली गाड़ी आसानी से दिख जाएगी।
*एमए अंग्रेजी चायवाली :*
हमारी लिस्ट में टुकटुकी दास का ये कैफे भी आता है, जिन्होंने एक समय में अंग्रेजी में एमए करने के बाद नौकरी के लिए कई एग्जाम दिए। लेकिन लाख कोशिशों के बाद भी वो सफल नहीं हो पाईं। फिर भी उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी और आत्मनिर्भर बने रहने के लिए उन्होंने अपनी एक खुद की कम्पनी खोलने का फैसला लिया। उन्होंने कोलकाता के हाबरा स्टेशन पर खुद की चाय की शॉप खोली, जिसका नाम एमए अंग्रेजी चायवाली रखा है। इस अनोखे नाम की वजह से कई लोग उनकी शॉप पर आते हैं।
