स्वयं सहायता समूह बाजार मूल्य में बेच रही है हर्बल रंग अबीर गुलाल
सरायकेला प्रखण्ड अन्तर्गत नुवांगांव के आजीविका महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ी कई महिलाएं होली पर हर्बल रंग बनाकर बेच रही हैं. इस समूह को हर्बल रंग बना कर बेचने का मार्गदर्शन जेएसएलपीएस के बीपीओ लखीराम मुंडा कर रहे है। श्री मुंडा से मिली जानकारी के अनुसार अबतक महिलाएं एक क्विंटल हर्बल रंग और अबीर-गुलाल तैयार कर चुकी हैंl हर्बल रंग-अबीर और गुलाल आदि सरायकेला, खरसावां, कुचाई प्रखण्ड के कई पलाश माठ एव महिला स्वंय सहायता समूह के यहाँ बाजार मूल्य पर उपलब्ध है।

ज्ञात हो कि महिलाओं की यह टीम पलाश के फूल, गुलाब, पालक, गेंदा फूल, चुकंदर, आरारोट से हर्बल रंगों को तैयार की हैl झारखंड लाइवलीहुड प्रमोशनल सोसाइटी के माध्यम से महिलाओं को सामग्री उपलब्ध करवाई गई है lशनिवार को स्वयं सहायता समूह के महिलाओं ने सरायकेला के प्रखण्ड विकास पदाधिकारी श्रीमती स्मिता सिंह को हर्बल रंग अबीर गुलाल आदि भेंट की। इस दौरान आपस में एक दूसरे को अबीर गुलाल आदि रंग लगा कर होली खेलते देखा गया।

इस अवसर पर बीडीओ स्मिता सिंह ने बताया कि होली के दौरान रंग अबीर गुलाल का खास महत्व होता है. बदलते वक्त के साथ लोग केमिकल रंग की जगह हर्बल रंग के इस्तेमाल को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैंl यही वजह है कि बाजार में हर्बल अबीर गुलाल और रंग की मांग बढ़ गई है। मौके पर लखीराम मुंडा, सपना गोराइ, आशामाय बोदरा , सरस्वती सोय, अल्हदी गोप, सुनीता बिरुलि, मुग्ली सरदार आदि उपस्थित थे।
