Categories

September 16, 2026

INDIA FIRST NEWS

Satya ke saath !! sadev !!

सरायकेला के घोड़ालांग में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत गीता प्रवचन कथा का आयोजन

घोड़ालांग में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत गीता प्रवचन कथा में कथाव्यास पं महेंद्र शर्मा ने कहा कि “जो खेलता है जूआ उसका कुछ नहीं बचता “

“पूरे परिवार को भुगतनी पड़ी थी युधिष्ठिर की एक गलती की सजा, इस प्रसंग से आप सीख सकते हैं लाइफ मैनेजमेंट”

सरायकेला प्रखण्ड अन्तर्गत घोड़ालांग गाँव में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत गीता प्रवचन कथा का दूसरे दिन वृंदावन के सुप्रसिद्ध कथाव्यास पंडित महेंद्र शर्मा जी ने अपने मधुरवाणी से महाभारत की प्रेरणा प्रसंग कथा श्रोताओं को सुनाया। इस दौरान उन्होंने धर्मराज युधिष्ठिर की एक गलत आदत का जिक्र करते हुए कहा कि युधिष्ठिर की एक गलती की सजा,उनके पूरे परिवार को भूगतनी पड़ी थी। इस प्रसंग से आप लाइफ मैनेजमेंट सीख सकते है।

आगे उन्होंने कहा कि युधिष्ठिर परिवार के मुखिया थे। महाभारत में उन्हें धर्मराज भी कहा गया है, जिसका अर्थ है कि वे धर्म का विशेष ज्ञान रखते थे, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने एक बहुत बड़ी गलती कर दी, जिसके कारण पांडवों को वनवास जाना पड़ा और दु:ख भोगने पड़े। जुआ खेलने की लत सिर्फ युधिष्ठिर को थी। दुर्योधन से जुआ भी उन्होंने अकेले ही खेला। लेकिन परिणाम सबने भुगता। द्रौपदी का चीरहरण हो गया। पांचों भाइयों को वन में जाना पड़ा। राजपाठ हाथ से चला गया। सुंदर नगर इंद्रप्रस्थ भी दुर्योधन ने जीत लिया।कर्म सिर्फ एक ही गलत था जुआ। युधिष्ठिर अगर जुआ नहीं खेलते तो शायद इतना अपमानित नहीं होना पड़ता।

इस दौरान कथाव्यास ने एक कहावत कही कि जो खेलता है जूआ उसका कुछ नहीं बचता । आगे उन्होंने श्रोताओं को व्यंग करते हुए कहा कि यदि आप परिवार के मुखिया हैं तो आपकी जिम्मेदारी भी ज्यादा है। निजी आनंद, निजी स्वार्थ के लिए कोई ऐसा काम ना करें, जिसका परिणाम पूरे परिवार को भुगतना पड़े। जब भी कोई निर्णय लें तो यह सोच कर लें कि उसका परिणाम आपके पूरे परिवार को भुगतना पड़ सकता है।

कभी भी सिर्फ निजी शौक या हित के लिए ही कोई काम ना करें। हमेशा दूरदृष्टि का उपयोग करे। यह प्रसंग का श्रवण कर श्रद्धालु भाव विहोर हो उठे। श्रीमद्भागवत गीता प्रवचन कथा सुनने के लिए पहुंचे स्थानीय समाजसेवी योगेश महापात्र ( बांकसाई) एवं हेमसागर प्रधान ( मुरुप) को कथाव्यास पं महेंद्र शर्मा द्वारा अंगवस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।

प्रवचन के दौरान भजन गाया गया जहाँ महिलाओं को झूमते देखा गया। आरती के साथ प्रवचन कथा कार्यक्रम संपन्न हुआ। उक्त कार्यक्रम के आयोजन में परेश महतो, मुकेश महतो, भद्रनाथ महतो , विमल सरदार,नंदलाल उरांव,हेमंत महतो , मुकुंद महतो , रैबु गोप, देवा महतो, जगदीश महतो, कुशल उरांव, मनोज महतो, अरविंद उरांव, कृष्णा उरांव, अनिल उरांव, मृत्युंजय उरांव, जगन्नाथ महतो, दिगंबर सरदार, घासीराम महतो, सनत दास, ठुलू महतो, साधुचरण महतो समेत समस्त ग्रामवासियों का सहयोग सराहनीय रहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *