छात्रों पर कार्रवाई और फायरिंग मामले में तेजस्वी यादव ने दी सरकार को सख्त चेतावनी, कहा– खामियाजा भुगतना पड़ेगा
बिहार में हुए प्रदर्शन के बाद 400 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी और गोलियां चलाए जाने के मामले में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव खुलकर सामने आ गए हैं। उन्होंने सत्ता पक्ष को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए छात्रों की रिहाई की मांग की है।
तेजस्वी यादव ने अपने पोस्ट में क्या लिखा?
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (ट्विटर) पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं को ताक पर रखकर ऐसा पहली बार हुआ है जब अपने अधिकारों की मांग कर रहे विद्यार्थियों पर AK-47 जैसी घातक राइफल से फायरिंग की गई।
तेजस्वी ने आगे कहा कि आंदोलनकारियों से सहमति बन जाने के बाद भी हजारों युवाओं पर बेबुनियाद मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं और उन्हें पुलिस कस्टडी में लिया जा रहा है। यही नहीं, उनके परिवार वालों को भी परेशान किया जा रहा है। तेजस्वी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि गिरफ्तार छात्रों को शीघ्र रिहा नहीं किया गया, तो एनडीए (NDA) सरकार को इसका भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
प्रदर्शनकारियों को मिला तेजस्वी का सपोर्ट
विपक्ष के इस रुख से साफ है कि छात्रों के आंदोलन को तेजस्वी यादव का पूरा समर्थन प्राप्त है। उन्होंने प्रशासनिक रवैये पर सीधा प्रहार किया है। इस बीच, सीवान जिले से सामने आए एक वीडियो में सुरक्षाकर्मी को AK-47 से फायर करते हुए देखा गया था, जिसके बाद जांच प्रक्रिया शुरू करते हुए संबंधित जवान को सस्पेंड कर दिया गया है।
पटना लौटते ही दी थी चेतावनी
रविवार को पटना वापस आने के बाद एयरपोर्ट पर संवाददाताओं से बात करते हुए तेजस्वी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि युवा अपने सुनहरे भविष्य की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण ढंग से आवाज उठा रहे थे। दिल्ली स्तर पर छात्रों की मांगों पर सहमति बनने के साथ ही दर्ज केस वापस लेने की बात हुई थी, लेकिन इसके उलट राज्य में बेकसूरों को पकड़कर जेल भेजा जा रहा है।
तेजस्वी ने इसके लिए सोमवार तक की समयसीमा तय करते हुए अल्टीमेटम दिया था कि यदि मामले वापस नहीं लिए जाते और निर्दोषों को नहीं छोड़ा जाता, तो विपक्षी दल व्यापक स्तर पर बड़ा प्रदर्शन शुरू करेंगे।
