घोड़ालांग में चल रही श्रीमद्भागवत महापुराण कथा सप्ताह ज्ञान का चौथा दिन…,पति पत्नी में अटूट प्रेम और विश्वास से ही गृहस्थ जीवन में सुख शांति संभव – पं महेंद्र शर्मा

सरायकेला प्रखण्ड अन्तर्गत घोड़ालांग गाँव में चल रही श्रीमद्भागवत महापुराण कथा सप्ताह ज्ञान का चौथे दिन वृंदावन के सुप्रसिद्ध कथाव्यास पंडित महेंद्र शर्मा जी ने अपने मधुरवाणी से महापुराण की शिव पार्वती विवाह प्रसंग कथा श्रोताओं को सुनाया।

उन्होंने बताया कि सृष्टी रचयिता श्री ब्रम्हा जी की मौजादगी में देवी पार्वती और भोलेनाथ शिव का विवाह संपन्न हुआ। पौराणिक कथाओं के अनुसार शिव पार्वती के विवाह की यह तिथि ही महाशिवरात्रि कहलाई। भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह की कथा से सुखी वैवाहिक जीवन के लिए प्रेरणा मिलती है. शिव-पार्वती के रिश्ते की सबसे बड़ी खासियत उनका अटूट प्रेम और विश्वास है।

आगे उन्होंने श्रोताओं को बताया कि गृहस्थ जीवन में कई बार कठिनाइयां आती हैं, लेकिन अगर दोनों साथी धैर्य और समर्पण से साथ निभाएं, तो हर समस्या का समाधान संभव है.सुखी वैवाहिक जीवन के लिए ज़रूरी है कि पति-पत्नी एक-दूसरे की स्वतंत्रता और इच्छाओं का सम्मान करें.अगर आप अपने जीवनसाथी से प्रेम, विश्वास, सम्मान, धैर्य, संवाद और समर्पण बनाए रखते हैं, तो आपका गृहस्थ जीवन भी सुखमय बन सकता है।

यह प्रसंग सुनकर श्रोतागण भाव विहोर हो गए। कल कथा के दौरान शिव पार्वती विवाह की झांकी निकाली गई, जो कार्यक्रम को और अधिक आकर्षक बना दिया था। इस झांकी में बनी शिव और पार्वती एक दूसरे को फूलों का माला पहनाकर विवाह रस्म पूरी की । वहीं शिव बराती बनें घोड़ालांग गाँव के बच्चों ने वर्तमान दौर के बराती की तरह खूब मस्ती की।
इस कार्यक्रम को देखने के लिए घोड़ालांग व आस पास गाँव के श्रद्धालुओं की भीड़ जुट गई थी। मौके पर मुख्य रूप से परेश महतो, मुकेश महतो, भद्रनाथ महतो , हेमसागर प्रधान, विमल सरदार, नंदलाल उरांव,हेमंत महतो , मुकुंद महतो , रैबु गोप, देवा महतो, जगदीश महतो, कुशल उरांव, मनोज महतो, अरविंद उरांव, कृष्णा उरांव, अनिल उरांव, मृत्युंजय उरांव, जगन्नाथ महतो, दिगंबर सरदार, घासीराम महतो, सनत दास, ठुलू महतो, साधुचरण महतो समेत अन्य श्रद्धालु उपस्थित थे।
