क्या चीन ने पूरी दुनिया के सामने ट्रंप को अपमानित किया? बीजिंग में जिनपिंग के साथ मुलाकात का वीडियो वायरल
मुख्य बिंदु: चीन दौरे के समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई एक बैठक का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर सुर्खियां बटोर रहा है। इंटरनेट यूजर्स के बीच इस बात को लेकर विवाद खड़ा हो गया है कि क्या बीजिंग में ट्रंप को कमतर या छोटा दिखाने का प्रयास किया गया था? वायरल हो रहे वीडियो में दोनों नेताओं के बैठने के लिए रखे गए सोफों की ऊंचाई पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
क्या है वायरल क्लिप का पूरा मामला?
इंटरनेट पर प्रसारित हो रही इस वीडियो क्लिप में देखा जा सकता है कि जिस सोफे पर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग बैठे हैं, वह डोनाल्ड ट्रंप के सोफे की तुलना में थोड़ा ऊंचा प्रतीत हो रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर इस दृश्य को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं।
कुछ नेटिजन्स का कहना है कि चीन ने सोफे की यह सेटिंग जानबूझकर इस तरह तैयार की ताकि दोनों वैश्विक नेताओं का कद बराबर दिखे। असल में, डोनाल्ड ट्रंप की लंबाई लगभग 190 सेंटीमीटर है, जबकि शी जिनपिंग का कद करीब 180 सेंटीमीटर है। इस लिहाज से ट्रंप चीनी राष्ट्रपति से करीब 10 सेंटीमीटर लंबे हैं। लेकिन वीडियो में ट्रंप बैठने के दौरान कुछ असहज दिखाई दे रहे हैं और उनके पैर मुड़े हुए नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर एक यूजर ने लिखा कि जिनपिंग को ऊंची और सख्त सीट दी गई, जबकि ट्रंप के लिए एक नरम और धंसने वाला सोफा रखा गया ताकि वे कद में छोटे दिखाई दें।
कुशन हटाने को लेकर भी सामने आया एक और दावा

इसी विवाद के बीच सोशल मीडिया पर एक अन्य थ्योरी भी वायरल हो रही है। इस दावे के मुताबिक, ट्रंप के सोफे पर पहले से एक अतिरिक्त कुशन (गद्दी) रखा गया था, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति ने खुद हटवा दिया। इसके बाद जब वे सोफे पर बैठे, तो वह गहराई में चले गए और शी जिनपिंग से छोटे दिखने लगे। हालांकि, इन दोनों में से किसी भी दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है और यह केवल सोशल मीडिया की चर्चाओं तक सीमित है। इस मुलाकात का एक अन्य लंबा वीडियो भी सामने आया है जिसमें बैठक के दौरान कुछ देर के लिए बत्ती गुल होती और फिर तुरंत वापस आती दिख रही है।
तीन दिवसीय आधिकारिक चीन दौरे पर थे डोनाल्ड ट्रंप
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तीन दिनों के आधिकारिक दौरे पर चीन पहुंचे थे। पिछले नौ वर्षों की अवधि में यह किसी भी मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति की पहली चीन यात्रा है। इस दौरे से जुड़ी कई अन्य कड़ियां भी सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं। ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल, टेंपल ऑफ हेवन और एक आधिकारिक रात्रिभोज के दौरान दोनों नेताओं के वीडियो काफी देखे जा रहे हैं। विशेष रूप से वाइन टोस्ट वाले वीडियो की काफी चर्चा है, क्योंकि ट्रंप अमूमन शराब से दूरी बनाए रखने के लिए जाने जाते हैं, लेकिन यहाँ उन्होंने शिष्टाचार के नाते एक घूंट लिया।
गंभीर और रणनीतिक मुद्दों पर हुई चर्चा
इस हाई-प्रोफाइल बीजिंग यात्रा के दौरान दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच कई महत्वपूर्ण वैश्विक और द्विपक्षीय मुद्दों पर गहन बातचीत हुई। यात्रा के समापन पर ट्रंप ने बताया कि दोनों देशों के बीच कई अहम व्यापारिक समझौते हुए हैं और लंबे समय से चले आ रहे विवादों को सुलझाने पर बातचीत आगे बढ़ी है। हालांकि, इस बैठक में चीन ने अमेरिका को ताइवान के मुद्दे पर पूरी सावधानी बरतने की हिदायत दी और ईरान संकट को लेकर अमेरिकी नीतियों की आलोचना भी की। जानकारों का मानना है कि व्यापार, क्षेत्रीय सुरक्षा और एशिया-प्रशांत क्षेत्र की राजनीति पर दोनों देशों के बीच वैचारिक मतभेद अब भी बरकरार हैं।
