मिडिल ईस्ट में बढ़ा महायुद्ध का खतरा: अमेरिका ने ईरान पर किया दूसरा बड़ा हमला, होर्मुज के पास मौजूद सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना
1. अमेरिका ने ईरान पर दूसरी बार किया सैन्य हमला (US Launches Second Wave of Strikes)
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा गतिरोध अब बेहद संवेदनशील और खतरनाक दौर में प्रवेश कर चुका है। अमेरिकी सेना ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाते हुए ईरान के खिलाफ दूसरे चरण की सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस हवाई हमले में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के नजदीक स्थित ईरानी तटीय रक्षा प्रणालियों (Coastal Defense Systems) और मिसाइल लॉन्च पैड्स को निशाना बनाया गया है। वाशिंगटन का दावा है कि ईरान इन ठिकानों का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों को डराने और उन पर हमला करने के लिए कर रहा था। वहीं दूसरी ओर, ईरान ने इस अमेरिकी आक्रामकता को संप्रभुता पर हमला बताते हुए चेतावनी दी है कि वह इस क्षेत्र से होने वाले वैश्विक तेल और ऊर्जा निर्यात को पूरी तरह से ठप कर सकता है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक बयान जारी कर पुष्टि की है कि यह सैन्य कार्रवाई 15 जुलाई को शुरू की गई थी।
2. कुराकाओ के झंडे वाले खाली तेल टैंकर पर हमला (Attack on Empty Oil Tanker)
इस सैन्य अभियान के दौरान अमेरिकी नौसेना ने ईरान की ओर बढ़ रहे एक संदिग्ध तेल टैंकर को बलपूर्वक रोक दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, कुराकाओ देश के ध्वज वाला ‘एम/टी बेल्मा’ नामक एक खाली ऑयल टैंकर अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा का उल्लंघन करते हुए ईरान के खरग द्वीप (Kharg Island) की तरफ बढ़ रहा था। अमेरिकी नौसेना द्वारा बार-बार दी गई चेतावनियों को नजरअंदाज करने के बाद, अमेरिकी लड़ाकू विमान ने जहाज को रोकने के लिए उस पर हेलफायर मिसाइल से सटीक निशाना साधा। मिसाइल जहाज की चिमनी पर लगी, जिससे टैंकर वहीं ठप हो गया। सेंटकॉम ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी कार्रवाई के बाद अब यह जहाज ईरान की सीमा में प्रवेश नहीं कर सका है।
3. अमेरिकी सेना ने फिर से लागू की नौसैनिक नाकेबंदी (Re-imposition of Naval Blockade)
इस बीच अमेरिकी सेना ने ईरान के सभी प्रमुख बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों की ओर आने-जाने वाले समुद्री यातायात पर सख्त नौसैनिक नाकेबंदी (Naval Blockade) दोबारा लागू कर दी है। नाकेबंदी प्रभावी होने के शुरुआती 24 घंटों के भीतर ही अमेरिकी सेना ने दो वाणिज्यिक जहाजों को अपना रास्ता बदलने की सख्त हिदायत दी, जबकि निर्देशों की अवहेलना करने वाले एक अन्य जहाज पर सैन्य बल का प्रयोग किया गया। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए यह सख्त नाकेबंदी आगे भी पूरी मुस्तैदी के साथ जारी रहेगी।

