अमेरिका और ईरान के बीच फिर भड़का तनाव: ड्रोन और मिसाइल अड्डों पर अमेरिकी हमला, ईरान का पलटवार; होर्मुज मार्ग बाधित
होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) में एक कमर्शियल शिप पर हुए ड्रोन हमले के बाद अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव एक बार फिर तेज हो गया है। अमेरिका ने शनिवार को ईरान के तटीय रडार केंद्रों के साथ-साथ उसके मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज ठिकानों पर भीषण हवाई हमले किए। इस अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी खाड़ी क्षेत्र में स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए जवाबी कार्रवाई की। इस ताजा संघर्ष के बाद होर्मुज क्षेत्र में जहाजों का आवागमन फिर से ठप हो गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि दोनों देशों के बीच यह हिंसक झड़प शांति समझौते (Peace Deal) पर दस्तखत होने और अगले दौर की बातचीत की तारीख तय होने के ठीक बाद हुई है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस सैन्य एक्शन को एक ‘कड़ा संदेश’ बताया है। अमेरिकी सेना के मुताबिक, उनके लड़ाकू विमानों ने ईरान के उन ठिकानों को ध्वस्त किया जहाँ मिसाइलें और ड्रोन जमा करके रखे गए थे। यह कार्रवाई 25 जून को सिंगापुर के ध्वज वाले व्यापारिक जहाज ‘M/V एवर लवली’ पर हुए हमले के प्रतिशोध में की गई है। इसके साथ ही अमेरिकी सेना ने इस हवाई हमले का एक 37 सेकंड का वीडियो भी सोशल मीडिया पर जारी किया है।
अमेरिका ने लगाया युद्धविराम उल्लंघन का आरोप
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित मालवाहक जहाज ओमान के तट के पास से गुजरते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य से बाहर निकल रहा था, तभी ईरान की ओर से उस पर हमला किया गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना बेहद गैर-जिम्मेदाराना आक्रामकता है और यह दोनों देशों के बीच हुए सीजफायर समझौते का सीधा उल्लंघन है। अमेरिका का कहना है कि ईरान की ऐसी खतरनाक गतिविधियां वैश्विक व्यापार के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता को खतरे में डालती हैं।
हमले की जगह नहीं बताई गई
यद्यपि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने अपने आधिकारिक बयान में यह साफ नहीं किया कि उन्होंने ईरान के किन विशिष्ट इलाकों पर बमबारी की है, लेकिन ईरानी मीडिया ने कुछ सुराग दिए हैं। ईरान के सरकारी टेलीविजन की रिपोर्टों के अनुसार, देश के दक्षिणी बंदरगाह शहर ‘सिरिक’ में शुक्रवार की देर रात ताहेरोयेह घाट के पास जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। ईरानी सैन्य सूत्रों का दावा है कि ये धमाके उस क्षेत्र में किसी प्रोजेक्टाइल (मिसाइल या बम) के गिरने की वजह से हुए थे।
ट्रंप ने ईरान के ड्रोन हमले को बताया ‘मूर्खतापूर्ण’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए ईरान द्वारा किए गए ड्रोन हमले को ‘मूर्खतापूर्ण और सीजफायर समझौते का उल्लंघन’ करार दिया। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान के एक ड्रोन ने सीधे तौर पर एक बड़े और बहुमूल्य मालवाहक जहाज के ऊपरी हिस्से को नुकसान पहुँचाया, जबकि उसके तीन अन्य ड्रोनों को मार गिराया गया था। इस तनाव के बीच राष्ट्रपति ट्रंप का यह बयान भी चर्चा में है जहाँ उन्होंने पूर्व में कहा था कि युद्धविराम का व्यावहारिक अर्थ पूरी तरह शांति नहीं बल्कि केवल हिंसक गतिविधियों में कमी आना होता है।


